ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख सीईओ से प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत, भारत की ऊर्जा क्षमता पर जताया भरोसा

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नई दिल्ली, 28 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के तहत बुधवार को लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख सीईओ से संवाद किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े वैश्विक और भारतीय उद्योग जगत के नेताओं ने भाग लिया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार बैठक के दौरान सीईओ ने भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति पर गहरा भरोसा जताया और देश में अपने कारोबार के विस्तार में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने नीति स्थिरता, सुधारों की निरंतरता और दीर्घकालिक मांग की स्पष्टता को भारत को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बताया।

सीईओ का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के संवाद मंच उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक उद्योग नेताओं से मिलने वाला प्रत्यक्ष फीडबैक नीतियों को और प्रभावी बनाने तथा क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान में मदद करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और वैश्विक ऊर्जा मांग-आपूर्ति संतुलन में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की विशाल संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि अन्वेषण एवं उत्पादन में लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना है, जिसे सरकार द्वारा लागू निवेशक-अनुकूल नीतियों से बल मिला है। प्रधानमंत्री ने संपीड़ित जैव-गैस (सीबीजी) क्षेत्र में लगभग 30 अरब अमेरिकी डॉलर के अवसरों का भी उल्लेख किया। इसके अलावा गैस आधारित अर्थव्यवस्था, रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल एकीकरण, समुद्री क्षेत्र और शिपबिल्डिंग में भी बड़े अवसरों की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य अनिश्चितताओं से भरा होने के बावजूद अवसरों से परिपूर्ण है। उन्होंने नवाचार, सहयोग और ऊर्जा मूल्य श्रृंखला के हर स्तर पर गहरी भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि भारत एक भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार के रूप में पूरी तरह तैयार है।

इस उच्चस्तरीय गोलमेज बैठक में 27 वैश्विक और भारतीय ऊर्जा कंपनियों व संस्थानों के सीईओ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें टोटलएनर्जी, बीपी, विटोल, एचडी हुंडई, आकर, वेदांता, इंटरनेशनल एनर्जी फोरम, ट्रैफिगुरा, रिन्यू, प्राज सहित कई प्रमुख कंपनियां शामिल थीं।

बैठक में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्य मंत्री सुरेश गोपी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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