जींद के कई परिवारों का सपना हुआ साकार, प्रधानमंत्री ने सौंपी नए आवास की चाबी
जींद, 17 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के जींद जिले के कई परिवारों के अपने घर का वर्षों का सपना शुक्रवार को उस समय साकार हुआ जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनको नए घर की चाबी सौंपी। यह लम्हा उन सभी लाभार्थियों के लिए खास और यादगार बन गया। उनके चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। प्रधानमंत्री के हाथों आवास की चाबी पाने वालों में अमरेहड़ी गांव की रेखा, संतोष और पांडु पिंडारा गांव की शीलातथा मनीषा प्रमुख रूप से शामिल हैं। अशरफगढ़ गांव की रविंद्रा को भी नए घर की चाबी मिली।
प्रधानमंत्री ने जींद में देश के पहले हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ किया। इसके बाद आयोजित एक समारोह में करीब 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी वहीं कई परिवारों को उनके नए पक्के आवास की चाबी भी सौंपी। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को उनके नए आवास की चाबी सौंपकर उन्हें गृह प्रवेश की शुभकामनाएं भी दीं। लाभार्थियों ने बताया कि वर्षों से पक्के घर का सपना देख रहे थे, जो अब प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पूरा हुआ है।
अमरेहडी गांव की रहने वाली रेखा ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि 25 साल से वे कच्चे घर में रह रही थीं, बड़ी मुश्किल से उनके परिवार का गुज़र बसर होता था। घर में जवान बेटी भी है। मकान में शौचालय भी नहीं था लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें इज़्ज़त की छत मिल गई है। पैरों से ठीक से चल पाने में असमर्थ रेखा बताती हैं कि मकान की चाबी मिलना और वो भी प्रधानमंत्री के हाथों मिलना ये किसी सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अपनी बेटी का विवाह अच्छी तरह से कर पाएंगी। समाज में अब सर उठा कर कह सकतीं है कि उनके पास भी अपना पक्का मकान है।
अमरेहडी गांव की ही प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी संतोष बताती हैं कि गरीबों के लिए दो वक्त की रोटी कमा पाना और परिवार को चला पाना ही एक चुनौती है। ऐसे में अगर अपना पक्का छत वाला मकान का सपना भी पूरा हो जाए तो उस भावना को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। सरकार और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए संतोष ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। इसके जरिए उनके जैसे कई परिवारों का अपना घर मिलने से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।इसी तरह पांडु पिंडारा गांव की शीला तथा मनीषा ने बताया कि सरकार की इस योजना ने उन जैसी कई महिलाओं को अपने पक्के आवास की उम्मीद जगाई है। कई सालों के इंतजार के बाद यह लम्हा उनके जीवन में आया है। मेहनत और उनकी कोशिशों के कारण आज उनके परिवार को गृहप्रवेश जैसे बड़े मौके मिले।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

