देश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी : सरकार

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देश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी : सरकार


नई दिल्ली, 25 मई (हि.स)। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस के आयात पर असर पड़ा है, लेकिन देश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। सरकार ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण हमारे आयात पर असर पड़ा है, जिसमें करीब 40 फीसदी कच्चा तेल, 90 फीसदी एलपीजी, और लगभग 65 फीसदी नेचुरल गैस शामिल है। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी में एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है और अब यह प्रतिदिन लगभग 50 हजार टन तक पहुंच रहा है। पीएनजी कनेक्शनों के संबंध में कहा कि 7.99 लाख कनेक्शनों में गैस पहुंचा दी गई है। लगभग 2.87 लाख कनेक्शन गैस आपूर्ति के लिए तैयार हैं, क्योंकि इसके लिए ज़रूरी ढांचा पहले ही तैयार किया जा चुका है, और 8.27 लाख से अधिक ग्राहकों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।

संयुक्त सचिव ने कहा कि घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) कुकिंग गैस की आपूर्ति के लिए पिछले चार दिनों में 1.66 करोड़ बुकिंग के मुकाबले लगभग 1.72 करोड़ सिलेंडर पहुंचाए गए हैं। इनमें से 95 फीसदी सिलेंडरों की डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड के साथ पूरी की गई हैं। उन्होंने बताया कि वितरकों ने रविवार को भी काम किया और उस दिन भी एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक बेहद सफल दौरा किया। इस दौरे के दौरान कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बतया कि खास तौर पर एलपीजी की आपूर्ति के मामले में—और साथ ही हमारे रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को भी मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि यूएसई से भारत में नए निवेश के प्रवाह को लेकर भी समझौते हुए। इस क्षेत्र में हमारे मिशन, भारतीय प्रवासियों के कल्याण और भलाई के लिए उनके साथ लगातार संपर्क में हैं। हम समुद्री समुदाय को भी हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं, जो खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में मौजूद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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