पेंशन अदालत में 897 लंबित शिकायतों का होगा निपटारा, अति वरिष्ठ और पारिवारिक पेंशनरों के मामलों पर रहेगा जोर
नई दिल्ली, 04 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्र सरकार की 17वीं पेंशन अदालत में अति वरिष्ठ पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की 897 लंबित शिकायतों का निपटारा किया जाएगा। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 05 अक्टूबर को यहां भारतीय लोक प्रशासन संस्थान में आयोजित पेंशन अदालत की अध्यक्षता करेंगे। यह पेंशन अदालत 24 मंत्रालयों और विभागों से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए आयोजित की जा रही है।
केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के अनुसार, पेंशन अदालत केंद्रीय सरकारी पेंशनरों की शिकायतों के मौके पर निपटारे के लिए शुरू की गई वैकल्पिक व्यवस्था है। इसमें किसी शिकायत से जुड़े सभी पक्षों को एक मंच पर लाकर लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान किया जाता है। इससे महंगी और समय लेने वाली न्यायिक प्रक्रिया की आवश्यकता कम होती है।
विभाग ने 2017 में पेंशन अदालत की शुरुआत की थी। अब तक इसके 16 आयोजन हो चुके हैं। इनमें कुल 28,797 शिकायतों में से 20,676 का मौके पर निपटारा किया गया। इसकी सफलता दर 71.79 प्रतिशत रही है। शेष मामलों का भी संबंधित पेंशन अदालतों के बाद विभाग की ओर से आयोजित अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों के माध्यम से निपटारा किया गया।
17वीं पेंशन अदालत विषय आधारित होगी। इसमें अति वरिष्ठ पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों से संबंधित 897 शिकायतों को लिया गया है। ये शिकायतें पेंशन शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से दर्ज की गई हैं। देशभर से अति वरिष्ठ पेंशनर, पारिवारिक पेंशनर और उनके परिजन इसमें भाग लेंगे। शिकायतकर्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से या वीडियो सम्मेलन के माध्यम से शामिल होने की सुविधा दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह 13 मई को आयोजित 16वीं पेंशन अदालत की सफलता की कहानियों से संबंधित पुस्तिकाएं भी जारी करेंगे। इसके अलावा पारिवारिक पेंशनरों से जुड़े मुद्दों पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की एक पुस्तिका भी जारी की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

