ई-सिगरेट मामले में सांसद कीर्ति आज़ाद की सदस्यता जा सकती है
नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। संसद में ई-सिगरेट पीने के मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आज़ाद के खिलाफ संसद की मर्यादा भंग करने और गरिमा को गिराने के आरोप में निष्कासन तक की कार्रवाई हो सकती है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह संभावना जाहिर की। कीर्ति आज़ाद द्वारा सदन के भीतर ई-सिगरेट पीने के मामले से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, सदन की गरिमा और मर्यादा बनाये रखना सबका काम है। सबको सभाकक्ष की मर्यादा रखनी होगी।
उन्होंने कहा, जांच की प्रक्रिया पूरी होने की दिशा में है। जैसे ही जांच पूरी हो जाएगी, कार्य योजना बनाई जाएगी और समिति को भेजी जाएगी और प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसी को भी सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।' उन्होंने आगे कहा, 'यह एक जिम्मेदारी है। आपको सदन के अंदर गरिमा बनाए रखनी होगी और जो गरिमा नहीं बनाए रखेगा, उस पर संसद के नियमों और प्रक्रियाओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बिरला ने कहा कि नियमों में सदस्यता समाप्त करने का भी प्रावधान है, पर ये सदन का अधिकार है, अध्यक्ष का नहीं। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार सदस्यों की सदस्यता जा चुकी है और इस मामले में भी सदन चाहेगा तो सदस्यता जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने अध्यक्ष के समक्ष औपचारिक रूप से कीर्ति आज़ाद के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी कि वह सदन में ई-सिगरेट पी रहे थे और इसे कई सदस्यों ने स्पष्ट रूप से देखा भी है। उन्होंने इसे संसदीय मानद आचरण का घोर उल्लंघन बताया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया

