पाक राष्ट्रपति की टिप्पणी पर भारत का कड़ा जवाब, कहा- देश के आंतरिक मामलों पर बोलने का अधिकार नहीं
नई दिल्ली, 20 जून (हि.स.)। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की हालिया टिप्पणियों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाक राष्ट्रपति जरदारी की टिप्पणियां अनुचित और निराधार हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि देश के आंतरिक मामलों से जुड़े मुद्दों पर बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।
बयान में पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए गए। भारत ने कहा कि पाकिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय रही है। विभिन्न धार्मिक समुदायों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव तथा उत्पीड़न के आरोपों का भी उल्लेख किया गया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणियों को एक राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। भारत के अनुसार, ऐसे वक्तव्य क्षेत्रीय संबंधों को बेहतर बनाने के बजाय तनाव बढ़ाने का काम करते हैं।
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि उसके आंतरिक मामलों पर किसी भी बाहरी टिप्पणी का कोई औचित्य नहीं है और ऐसे बयानों को पूरी तरह खारिज किया जाता है।
दरअसल, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक सार्वजनिक टिप्पणी में भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों को लेकर चिंता जताई थी। इसी को लेकर भारत ने आपत्ति जताई है।
------------------------
हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

