ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर कांग्रेस ने सेना को किया सलाम, समीक्षा की मांग
नई दिल्ली, 07 मई (हि.स.)। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेनाओं द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने देश की सेना को सलाम करते हुए सरकार से घटनाक्रम की समीक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने के सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में कारगिल समीक्षा समिति गठित कर भविष्य के लिए सिफारिशें दी थीं, उसी तर्ज पर ऑपरेशन सिंदूर की समीक्षा भी आवश्यक है।
रमेश ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि इस अवसर पर हमें सशस्त्र बलों की उपलब्धियों को याद करना चाहिए और उन घटनाओं को भी स्मरण करना चाहिए जिन्होंने इस अभियान को आकार दिया। 30 मई 2025 को सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने स्वीकार किया था कि शुरुआती दौर में टैक्टिकल गलतियों के कारण भारत को नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन बाद में सुधार कर पाकिस्तान के भीतर तक सटीक हमले किए गए। इसी तरह 10 जून 2025 को जकार्ता में भारतीय दूतावास के डिफेंस अताशे ने बताया था कि राजनीतिक नेतृत्व द्वारा तय की गई सीमाओं के कारण भारत ने अपने विमान खो दिए थे।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भारत के व्यापक कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान को वैसा अलग-थलग नहीं किया जा सका जैसा 2008 मुंबई हमले के बाद हुआ था। इसके विपरीत, जून 2025 से पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा असाधारण गर्मजोशी से अपनाया गया और अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान ने भी पाकिस्तान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को याद करना इसलिए जरूरी है ताकि सरकार घटनाक्रम की समीक्षा कर देश को स्पष्ट दिशा दे सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

