उत्तर रेलवे की पहल: कश्मीर घाटी के लिए पहली बार 42 वैगनों वाली रैक से चावल की आपूर्ति

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उत्तर रेलवे की पहल: कश्मीर घाटी के लिए पहली बार 42 वैगनों वाली रैक से चावल की आपूर्ति


नई दिल्ली, 24 जनवरी (हि.स.)। कश्मीर घाटी की खाद्य सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जम्मू मंडल ने पंजाब के संगरूर रेल टर्मिनल से अनंतनाग गुड्स शेड तक खाद्यान्न (चावल) की पहली पूर्ण रेलवे रैक का सफल संचालन किया है।

अब तक कश्मीर घाटी में केवल मिनी रैक के माध्यम से ही खाद्यान्न की आपूर्ति की जाती थी, जिनमें 21 वैगन होते थे और उनकी क्षमता लगभग 1,384 मीट्रिक टन थी। पहली बार 42 वैगनों वाली पूर्ण रैक के संचालन से घाटी में उच्च-क्षमता रेल परिवहन की शुरुआत हुई है, जिसे एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तर रेलवे के अनुसार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद इस पूर्ण रैक संचालन को स्वीकृति दी गई। इस रैक में कुल 2,768 मीट्रिक टन चावल लाया गया, जिससे एक ही खेप में दोगुनी मात्रा की आपूर्ति संभव हो सकी।

यह खेप 21 जनवरी को पंजाब के संगरूर रेल टर्मिनल से लोड की गई थी और 24 घंटे से भी कम समय में अनंतनाग पहुंच गई, जो आपूर्ति शृंखला में उल्लेखनीय दक्षता को दर्शाता है। हालांकि खराब मौसम के कारण अनलोडिंग कार्य में मामूली देरी हुई, लेकिन आज सभी हैंडलिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल कश्मीर घाटी में वितरण नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। पूर्ण-क्षमता वाले रेलवे वैगनों के उपयोग से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, खाद्यान्न आपूर्ति अधिक स्थिर होगी और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी ट्रकों की निर्भरता घटने से पर्यावरणीय लाभ भी सुनिश्चित होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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