उत्तर रेलवे की नई पहल : सुरक्षा और परिचालन सुदृढ़ करने काे लॉन्च किया ‘रेलसेफ’ यूट्यूब चैनल
नई दिल्ली, 07 मई (हि.स.)। उत्तर रेलवे ने तकनीकी नवाचारों और उन्नत सुरक्षा उपायों के जरिए अपने परिचालन प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में बड़ौदा हाउस में आयोजित ट्रेन संचालन सम्मेलन के दौरान उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने सुरक्षा, जागरूकता और परिचालन दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से “रेलसेफ'” नामक यूट्यूब चैनल लॉन्च किया।
महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने कहा कि सुरक्षा उत्तर रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि “रेलसेफ” यूट्यूब चैनल के माध्यम से फ्रंटलाइन कर्मचारियों को सुरक्षित ट्रेन संचालन से संबंधित व्यावहारिक और महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे रेलवे संचालन को और अधिक सुरक्षित तथा प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस सम्मेलन में प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (पीसीओएम) मोनिका अग्निहोत्री सहित दिल्ली, अंबाला, फिरोजपुर, लखनऊ, मुरादाबाद और जम्मू मंडलों के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक उपस्थित रहे।
सम्मेलन का उद्देश्य परिचालन प्रबंधन की समीक्षा, जमीनी स्तर की चुनौतियों पर चर्चा तथा सुरक्षा और समय-पालन को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करना था।
सम्मेलन में विभिन्न मंडलों द्वारा अपनाई गई तकनीक आधारित पहलों और नवाचारों को भी प्रस्तुत किया गया। जम्मू मंडल ने “एएआरएवी” (स्वचालित निगरानी, अलर्ट और रीयल-टाइम विश्लेषण सत्यापन प्रणाली) नामक मोबाइल आधारित टूल विकसित किया है, जो रीयल-टाइम फील्ड रिपोर्टिंग को सक्षम बनाता है। इस प्रणाली के जरिए अधिकारी तुरंत कमियों की जानकारी दर्ज कर संबंधित विभागों तक कार्रवाई के लिए भेज सकते हैं।
दिल्ली मंडल ने सुरक्षा को मजबूत करने के लिए छह-सूत्रीय सुरक्षा अभियान लागू किया है। इसके अंतर्गत ‘नव संरक्षा’ के माध्यम से दैनिक सुरक्षा जांच, ‘संरक्षा चौपाल’ के जरिए साप्ताहिक परामर्श सत्र, लाइव केपीआई मॉनिटरिंग ऐप, मेंटर-मेंटी प्रोग्राम तथा प्रमुख पैनल रूम में डिजिटल सुरक्षा संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 61 ‘शंटिंग मेलों’ के माध्यम से फ्रंटलाइन कर्मचारियों से सीधा संवाद स्थापित किया गया है।
फिरोजपुर मंडल ने “हब एंड स्पोक मॉडल” के माध्यम से बासमती चावल निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस पहल के तहत पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से कलकत्ता, चेन्नई और हैदराबाद तक प्रतिस्पर्धी दरों पर माल ढुलाई सुनिश्चित की गई। 4 मई को पांचवीं लोडिंग के तहत 1,350 मीट्रिक टन बासमती चावल फिल्लौर से हैदराबाद और चेन्नई भेजा गया।
सम्मेलन का समापन यात्रियों की सुरक्षा, बेहतर संचालन और आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग के साझा संकल्प के साथ हुआ। उत्तर रेलवे ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि वह सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

