उत्तर रेलवे ने जोड़ी 2.2 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता, हरित ऊर्जा अभियान को मिली नई गति

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उत्तर रेलवे ने जोड़ी 2.2 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता, हरित ऊर्जा अभियान को मिली नई गति


नई दिल्ली, 25 जून (हि.स.)। सतत विकास, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए उत्तर रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों (अप्रैल-मई) में 2.2 मेगावाट (2,224 किलोवाट पीक) की नई रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़कर हरित ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सोलर संयंत्र विभिन्न रेलवे स्टेशनों और सेवा भवनों पर स्थापित किए गए हैं।

इन नई परियोजनाओं के शुरू होने के साथ ही उत्तर रेलवे की कुल सौर ऊर्जा क्षमता बढ़कर 28,347 किलोवाट पीक हो गई है। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के प्रयासों को और मजबूती प्रदान करेगी।

उत्तर रेलवे के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में सौर ऊर्जा संयंत्रों से लगभग 3.4 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है। इससे ऊर्जा लागत में लगभग 2.2 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान है। साथ ही, इस स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन से लगभग 2,820 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और रेल परिचालन अधिक ऊर्जा-कुशल एवं पर्यावरण-अनुकूल बनेगा। यह पहल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और केंद्र सरकार के ‘स्वच्छ एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

उल्लेखनीय है कि उत्तर रेलवे लगातार सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार कर रहा है। रेलवे का मानना है कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास भारतीय रेल को दुनिया के सबसे बड़े हरित परिवहन नेटवर्क में बदलने तथा देश के स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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