विधेयक पारित नहीं होने पर घट जाएगा दक्षिण राज्यों का प्रतिनिधित्वः निशिकांत

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विधेयक पारित नहीं होने पर घट जाएगा दक्षिण राज्यों का प्रतिनिधित्वः निशिकांत


नई दिल्ली, 17 अप्रैल (हि.स.)। महिला आरक्षण से जुड़े तीन विधेयकों पर लोकसभा में जारी चर्चा के दौरान शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य निशिकांत दुबे ने कहा कि इस विधेयक के पारित नहीं होने से दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय स्तर पर घट जाएगा।

झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत जनसंख्या के आधार पर परिसीमन कर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई है। सर्वसम्मति से पारित इस विधेयक के चलते महिलाओं को आरक्षण मिलेगा ही। इसे देने के लिए परिसीमन होगा और जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्निधारण होगा। ऐसे में कुछ राज्यों की सीटें बढ़ जाएंगी और कुछ की घट जाएंगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार अनुपात के आधार पर सीटें आवंटित करने का विधेयक लाई है। अगर यह विधेयक पारित नहीं होता है तो अधिनियम से तहत उत्तर प्रदेश की सीटें बढ़कर 87 हो जाएंंगी और तमिलनाडु की सीटें घटकर 29 हो जाएंंगी।

दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज ओबीसी के आरक्षण की बात कर रही है लेकिन सोनिया गांधी और स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जातिगत जनगणना कराए जाने से इनकार कर दिया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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