एनआईए ने श्रीनगर में पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने के लिए इस्तेमाल की गई प्रॉपर्टी जब्त की

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एनआईए ने श्रीनगर में पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने के लिए इस्तेमाल की गई प्रॉपर्टी जब्त की


श्रीनगर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने श्रीनगर के हजरतबल जिले के दानिहामा गांव स्थित खसरा संख्या 315 में गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा गैस की आवासीय संपत्ति को जब्त कर लिया है।

एनआईए के अनुसार यह मामला आरसी-02/2026/एनआईए/जम्मू से संबंधित है और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैबा (एलईटीटी) से जुड़े सीमा पार आतंकवादी षड्यंत्र से संबंधित है और यह आतंकवादियों को पनाह देने के लिए इस्तेमाल की गई प्रॉपर्टी के रूप में शामिल है।एनआईए के महानिदेशक की आवश्यक पूर्व स्वीकृति प्राप्त करने के बाद संपत्ति को शहरी अतिक्रमण अधिनियम 1967 की धारा 25 के तहत जब्त किया गया है।

बयान में कहा गया है कि जांच में संपत्ति और आतंकवादी षड्यंत्र के बीच सीधा संबंध स्थापित हुआ है, क्योंकि परिसर का कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने और आतंकी नेटवर्क से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। यह मामला मूल रूप से 31 मार्च को श्रीनगर के ज़कोरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 24/2026 के रूप में दर्ज किया गया था, जिसे बाद में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में लेकर पुनः पंजीकृत किया।

जांच में स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के एक नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के संचालकों के साथ समन्वय में काम कर रहे थे और पाकिस्तानी आतंकवादियों को सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षाबलों और नागरिकों पर हमले करने के लिए घुसपैठ, आवागमन, आश्रय और रसद सहायता प्रदान कर रहे थे।

श्रीनगर के हजरतबल जिले के दानिहामा स्थित गुलाम मोहम्मद मीर के आवासीय परिसर में तलाशी अभियान के दौरान दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों, अबू हुरैरा और खुबैब की पहचान हुई, जो कथित तौर पर लश्कर-ए-तैबा से जुड़े थे। परिसर से विस्फोटक पदार्थ, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने जानबूझकर अपने आवासीय परिसर को आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह के रूप में उपलब्ध कराया था और उनकी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए संपत्ति का उपयोग करने की अनुमति दी थी।

बयान में आगे कहा गया है कि अन्य भूमिगत आतंकवादी संगठनों (ओजीडब्ल्यू), सहायकों और पाकिस्तान स्थित संचालकों से जुड़े व्यक्तियों सहित संपूर्ण आतंकी समर्थन नेटवर्क की पहचान और पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

Livevns.news Desk
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