इंदौर में दूषित पेयजल से 10 लोगों की मौत का मामला, एनएचआरसी ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब की
नई दिल्ली, 01 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भगिरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से 10 लोगों की मौत और 40 से अधिक लोगों के बीमार होने की खबर का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 31 दिसंबर को प्रकाशित खबरों में बताया गया कि क्षेत्र में पानी की मुख्य पाइपलाइन एक सार्वजनिक शौचालय के नीचे से गुजरती है। पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का पानी, पीने के पानी में मिल गया। इसके अलावा, इलाके में कई वितरण लाइनें भी टूटी हुई पाई गईं, जिससे दूषित पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा था।
स्थानीय निवासियों ने कई दिनों से दूषित पानी की शिकायतें की थीं लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। आयोग ने कहा कि यदि रिपोर्ट के तथ्य सही हैं तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

