ग्लोबल साउथ के मानवाधिकार संस्थानों के लिए एनएचआरसी का 6 दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम 14 सितंबर से

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ग्लोबल साउथ के मानवाधिकार संस्थानों के लिए एनएचआरसी का 6 दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम 14 सितंबर से


ग्लोबल साउथ के मानवाधिकार संस्थानों के लिए एनएचआरसी का 6 दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम 14 सितंबर से


नई दिल्ली, 13 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) विदेश मंत्रालय के सहयोग से ग्लोबल साउथ के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों (एनएचआरआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए छह दिवसीय विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन करेगा। भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) के तहत आयोजित यह कार्यकारी कार्यक्रम 14 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली में चलेगा। एनएचआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम सोमवार को इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।

एनएचआरसी के मुताबिक, इस छह दिवसीय कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य प्रतिभागी देशों के मानवाधिकार संस्थानों की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करना तथा मानवाधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं व अनुभवों का परस्पर आदान-प्रदान करना है। आयोग द्वारा पूर्व में आयोजित चार आईटीईसी क्षमता निर्माण कार्यक्रमों से मिले फीडबैक और प्रतिभागी संस्थानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस विशेष पाठ्यक्रम को तैयार किया गया है। इस प्रशिक्षण सम्मेलन में 15 देशों के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों से 41 वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रशिक्षण सत्रों के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार ढांचे के विकास, समकालीन मानवाधिकार चुनौतियों, मानवाधिकार और व्यापार, नई तकनीकों के प्रभाव तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त, वैश्विक मानवाधिकार परिप्रेक्ष्य में एनएचआरसी की कार्यप्रणाली, शिकायत प्रबंधन प्रणाली और जांच तंत्र की व्यावहारिक जानकारी भी विदेशी प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाएगी।

एनएचआरसी अपने तीन दशकों से अधिक के समृद्ध संस्थागत अनुभवों के आधार पर ग्लोबल साउथ के देशों में मानवाधिकारों की वकालत, कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन और संस्थागत मजबूती के लिए साझा सहयोग को बढ़ावा देगा। कार्यक्रम में संबंधित विषयों के विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन के रूप में मार्गदर्शन करेंगे। व्याख्यानों के अलावा प्रतिभागी अधिकारियों के लिए व्यावहारिक संवाद सत्र, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और फील्ड विजिट का भी प्रबंध किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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