सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एनएचआरसी सख्त, जारी की सलाह

WhatsApp Channel Join Now

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कार्यस्थल और सार्वजनिक जगहों पर महिला सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत सलाह जारी की है। यह सलाह 10 केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों, रेलवे बोर्ड के अध्य़क्ष और सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को भेजी गई है।

आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों तथा विभागों से इन सुझावों को लागू करने का आग्रह करते हुए कार्यान्वयन की प्रगति पर दो महीने के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है। एनएचआरसी ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए देश में कड़े कानून मौजूद हैं, फिर भी कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।

आयोग ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पीरियोडिक लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन सर्वे के अनुसार सितंबर 2026 में श्रम बल में महिलाओं की हिस्सेदारी 34.6 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इसके अलावा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2026 की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध के लगभग 4.4 लाख मामले दर्ज किए गए। ये आंकड़े दिखाते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगातार चुनौतियां आ रही हैं, जिसके लिए संयुक्त और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है। महिलाओं की सुरक्षा उनके संवैधानिक अधिकारों, न्याय और समान अवसरों के लिए बेहद जरूरी शर्त है।

आयोग की ओर से जारी सलाह सूची में रेलवे बोर्ड के अलावा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय शामिल हैं।

एनएचआरसी की यह सलाह मुख्य रूप से आठ महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है। इनमें जागरूकता बढ़ाना, बुनियादी ढांचा, घटनाओं के दौरान आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप को बढ़ावा देना, पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाना, पीड़ितों को हर संभव सहायता एवं पुनर्वास उपलब्ध कराना, महिलाओं के खिलाफ होने वाले साइबर अपराधों पर रोक लगाना, दूरगामी एवं संस्थागत सुधार लागू करना और कई व्यावहारिक कदम उठाना है।

आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों से सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू करने का आग्रह किया है, ताकि प्रगति रिपोर्ट के आधार पर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सशक्त माहौल सुनिश्चित किया जा सके।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

767544 Articles

Share this story