देशभर में एंबुलेंस सेवाएं होंगी एक समान, नए दिशा-निर्देश जारी

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देशभर में एंबुलेंस सेवाएं होंगी एक समान, नए दिशा-निर्देश जारी


नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को नेशनल एंबुलेंस सर्विस ऑपरेशनल गाइडलाइंस-2026 जारी की। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य पूरे देश में एंबुलेंस सेवाओं को एक समान, आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि हर नागरिक को समय पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन चिकित्सा परिवहन उपलब्ध हो सके।

नई गाइडलाइंस के तहत पहली बार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एंबुलेंस सेवाओं के संचालन, निगरानी और गुणवत्ता के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार किया गया है। इसमें एंबुलेंस की श्रेणियां, आबादी के अनुसार तैनाती, आवश्यक उपकरण, दवाइयां, प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन , संक्रमण नियंत्रण, वाहन रखरखाव, गुणवत्ता निगरानी और शिकायत निवारण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

सरकार ने सभी एंबुलेंस को एआईएस-125 मानकों के अनुरूप बनाने का प्रावधान किया है, जिससे पूरे देश में एंबुलेंस सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

गाइडलाइंस में इंटीग्रेटेड कमांड एंड डिस्पैच सेंटर स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है। ये केंद्र जीपीएस आधारित एंबुलेंस ट्रैकिंग, डिजिटल कॉल मैनेजमेंट, स्मार्ट डिस्पैच सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड से लैस होंगे। साथ ही, एंबुलेंस सेवाओं को धीरे-धीरे देश के एकीकृत आपातकालीन नंबर 112 से जोड़ने की भी योजना है।

नई व्यवस्था में जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) आधारित मैपिंग के जरिए अस्पतालों, ट्रॉमा सेंटरों, एंबुलेंस स्टेशनों, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और उपलब्ध बेड की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे मरीज को सबसे नजदीकी और उपयुक्त अस्पताल तक जल्दी पहुंचाया जा सकेगा और आपातकालीन प्रतिक्रिया का समय घटेगा।

दिशा-निर्देश में एंबुलेंस की तैनाती भी वैज्ञानिक आधार पर करने की सिफारिश की गई है। इसके लिए आपातकालीन कॉल, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, ट्रैफिक, भौगोलिक परिस्थितियों और जनसंख्या के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा ताकि ग्रामीण, दूरस्थ और दुर्गम इलाकों तक भी बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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