नीट यूजी 2026 काउंसलिंग की तैयारियों की समीक्षा, छात्रहित में कई बड़े सुधार लागू

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नीट यूजी 2026 काउंसलिंग की तैयारियों की समीक्षा, छात्रहित में कई बड़े सुधार लागू


नई दिल्ली, 29 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देशभर में मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष, मेरिट आधारित और तकनीक-सक्षम होनी चाहिए। साथ ही अभ्यर्थियों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर सक्रिय और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

समीक्षा बैठक में मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी), डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस ) और अन्य संबंधित एजेंसियों की तैयारियों का आकलन किया गया।

बैठक में काउंसलिंग शेड्यूल, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, शिकायत निवारण तंत्र, उम्मीदवारों के लिए सहायता सेवाओं और मेडिकल संस्थानों के साथ समन्वय की समीक्षा की गई।

जेपी नड्डा ने इस बैठक में कहा कि

इस वर्ष काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक आसान और छात्र हितैषी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव वन-टाइम फिजिकल रिपोर्टिंग का है। अब अभ्यर्थियों को बार-बार कॉलेज जाकर रिपोर्टिंग नहीं करनी होगी। सीट आवंटन के बाद छात्र ‘फ्रीज़’ या ‘फ्लोट’ विकल्प का ऑनलाइन चयन कर सकेंगे। ‘फ्रीज़’ विकल्प चुनने वाले उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर संबंधित संस्थान में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेंगे, जबकि ‘फ्लोट’ विकल्प चुनने वाले छात्र अपग्रेडेशन के लिए अगले राउंड में शामिल हो सकेंगे और इस दौरान उन्हें संस्थान में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।

काउंसलिंग प्रक्रिया में ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और ऑनलाइन रिजाइनेशन की सुविधा भी शुरू की गई है। इससे उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन या सीट छोड़ने के लिए कॉलेज जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनेगी।

दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी इस बार विशेष व्यवस्था की गई है। उनके मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है, जिससे देशभर के उम्मीदवारों को बेहतर सुविधा मिल सके।

इसके अलावा, उम्मीदवारों को मूल्यांकन के खिलाफ अपील करने के लिए अपीलीय दिव्यांगता मूल्यांकन बोर्ड की व्यवस्था भी की गई है।

एनआरआई श्रेणी के प्रवेश को भी पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। अब पंजीकरण, दस्तावेज़ अपलोड और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और आसान बनेगी।

बैठक में साइबर सुरक्षा तैयारियों की भी समीक्षा की गई। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर के सहयोग से काउंसलिंग पोर्टल की सुरक्षा को मजबूत किया गया है। साथ ही दस्तावेज़ सत्यापन अधिकारियों, कॉलेज नोडल अधिकारियों और दिव्यांग मूल्यांकन बोर्डों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

उम्मीदवारों की सहायता के लिए 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन (1800-102-7637) और ईमेल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा द्विभाषी सूचना सामग्री और मार्गदर्शन वीडियो भी जारी किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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