मेवात में ‘पारो’ विवाह की जांच करेगा एनसीडब्ल्यू, पांच सदस्यीय टीम गठित
नई दिल्ली, 27 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एन सी डबलू) ने हरियाणा के मेवात, खासकर नूंह जिले में प्रचलित बताए जा रहे ‘पारो’ या ‘मोलकी’ विवाह की जांच के लिए पांच सदस्यीय तथ्य-जांच समिति गठित की है। आयोग ने यह कदम महिलाओं की कथित खरीद-फरोख्त, अंतरराज्यीय मानव तस्करी और शोषण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उठाया है।
आयोग के अनुसार, ‘पारो’ या ‘मोलकी’ विवाह में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को दूसरे राज्यों से बिचौलियों के जरिए लाकर स्थानीय पुरुषों से विवाह कराने के आरोप सामने आए हैं। कुछ मामलों में महिलाओं को पैसे के लेन-देन के बाद दोबारा बेचने और लगातार हिंसा व शोषण का भी आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता का पता जांच के बाद ही चलेगा।
समिति में डॉ. पी.एम. नायर, आईपीएस (सेवानिवृत्त), बी.के. सिन्हा, आईपीएस (सेवानिवृत्त), दिल्ली विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर सीमा सिंह, फिल्मकार एवं अभिनेत्री त्रिप्ती भोइर और आयोग के विधि अधिकारी मनमोहन वर्मा शामिल हैं।
ये टीम नूंह/मेवात और जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर जाकर जांच करेगी। समिति ‘पारो/मोलकी’ विवाह की वास्तविक स्थिति और व्यापकता की जांच करेगी। इसके साथ बिचौलियों तथा संभावित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की भूमिका देखेगी।
समिति महिलाओं की कानूनी पहचान, संपत्ति/विरासत और अन्य अधिकारों की स्थिति की पड़ताल करेगी। हिंसा, शोषण, बाल विवाह और सामाजिक भेदभाव से जुड़े मामलों को देखेगी। पुलिस, प्रशासन, स्थानीय लोगों, पीड़ित महिलाओं और सामाजिक संगठनों से बातचीत करेगी। महिलाओं की न्याय और सरकारी सेवाओं तक पहुंच का भी आकलन करेगी। समिति को गठन के 10 कार्यदिवस के भीतर आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सिफारिशें देने को कहा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

