(अपडेट) गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन शुरू
- केंद्र सरकार वस्त्र क्षेत्र में उत्पादन, निर्यात और सतत विकास के बीच संतुलन बनाकर कर रही कार्यः गिरिराज सिंह
गुवाहाटी, 08 जनवरी (हि.स.)। देश के वस्त्र क्षेत्र के भविष्य को सशक्त दिशा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन गुरुवार को गुवाहाटी में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं और भारत के वस्त्र क्षेत्र के लिए आगामी रोडमैप पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “इंडियाज़ टेक्सटाइल्स: वीविंग ग्रोथ, हेरिटेज एंड इनोवेशन” थीम पर आधारित है। सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद को मजबूत करते हुए भारत को वस्त्र, परिधान और तकनीकी वस्त्रों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, वस्त्र राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार वस्त्र क्षेत्र में उत्पादन, निर्यात और सतत विकास के बीच संतुलन बनाकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन विचार-मंथन, नवाचार और विचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से वस्त्र उद्योग को मजबूत करने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने में सहायक होगा। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्रियों से निवेशक-अनुकूल नीतियां बनाने और राज्य स्तर पर अधिक निवेश आकर्षित करने का आग्रह किया। पूर्वोत्तर क्षेत्र के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का वस्त्र उद्योग तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और देश के कारीगरों की कलात्मक दक्षताओं को वैश्विक बाजारों तक अधिक पहुंच मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन वस्त्र उद्योग की वृद्धि को तेज़ करने के लिए भविष्य की कार्ययोजना तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वस्त्र राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा ने कहा कि गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन होना गर्व का विषय है, जहां केंद्र और राज्य मिलकर वस्त्र क्षेत्र के लिए साझा रोडमैप तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच संवाद और समन्वय से भारतीय वस्त्र उद्योग की वैश्विक बाजार में मौजूदगी और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 350 अरब अमेरिकी डॉलर की वस्त्र अर्थव्यवस्था का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने हैंडलूम जनगणना 2019–20 का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र देश के कुल हथकरघा उत्पादन में लगभग 52 प्रतिशत योगदान देता है।
वस्त्र सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि देश के सामाजिक और आर्थिक जीवन में वस्त्र उद्योग का महत्वपूर्ण स्थान है और देश के लगभग 500 जिले एक या अधिक वस्त्र उत्पादों का निर्यात वैश्विक बाजारों में कर रहे हैं। वहीं, अतिरिक्त सचिव (वस्त्र) रोहित कंसल ने कहा कि भारत विश्व के प्रमुख वस्त्र उत्पादक देशों में से एक है और केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर इस क्षेत्र की वृद्धि को प्रोत्साहित कर रही है।
उद्घाटन सत्र के दौरान भारत की वस्त्र शक्ति, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाने वाली प्रदर्शनी और पवेलियन का भी उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही “इंडियाज़ टेक्सटाइल एटलस: स्टेट कंपेंडियम 2025” रिपोर्ट का विमोचन किया गया।
दिनभर आयोजित विभिन्न सत्रों में अवसंरचना, निवेश, कच्चा माल एवं फाइबर (कपास, रेशम, जूट, ऊन), तकनीकी वस्त्र और नए युग के फाइबर जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और अधिकारियों ने सर्वोत्तम प्रथाओं, निवेश अवसरों, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा किया।
यह सम्मेलन कल भी जारी रहेगा, जिसमें निर्यात, ब्रांडिंग, हथकरघा और हस्तशिल्प जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

