बाल संरक्षण के क्षेत्र में सर्टिफिकेट कोर्स और शोध के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर और सी-लैब ने मिलाया हाथ

WhatsApp Channel Join Now
बाल संरक्षण के क्षेत्र में सर्टिफिकेट कोर्स और शोध के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर और सी-लैब ने मिलाया हाथ


नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर (एनएलयूजे) और इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन (आईसीपी) के सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहेवियर चेंज फॉर चिल्ड्रेन (सी-लैब) ने बाल संरक्षण के क्षेत्र में शोध, सर्टिफिकेट कोर्स और क्षमता निर्माण से जुड़ी पहल के लिए हाथ मिलाया है। इस सहयोग के दायरे में डिजिटल सुरक्षा, बाल अधिकार और मानवाधिकार समेत बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषय शामिल हैं।

इस समझौते के तहत सहयोग के पांच प्रमुख क्षेत्र तय किए गए हैं। पहला, अकादमिक और पेशेवर सर्टिफिकेट कोर्स तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना। दूसरा, शोध अध्ययन, प्रकाशन, ज्ञान संसाधन और अकादमिक या नीतिगत दृष्टि से उपयोगी अन्य सामग्री तैयार करना। तीसरा, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, कानूनी पेशेवरों, शिक्षकों और नागरिक समाज संगठनों जैसे विभिन्न हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान पर काम करना। चौथा, छात्रों की भागीदारी और उन्हें व्यावहारिक अनुभव के जरिए सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है, जिसमें इंटर्नशिप, फील्ड आधारित लर्निंग और आउटरीच गतिविधियां शामिल हैं। पांचवां, सेमिनार, कार्यशालाएं, सम्मेलन, व्याख्यान और ज्ञान के आदान-प्रदान से जुड़ी अन्य अकादमिक गतिविधियां आयोजित करना है।

इसके अलावा, एनएलयू जोधपुर और सी-लैब संयुक्त शोध प्रस्तावों और प्रकाशनों, विषय आधारित कार्य समूह बनाना, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, कार्यशालाओं और सेमिनारों तथा कानून, तकनीक, बाल सुरक्षा और मानवाधिकार से जुड़े ज्ञान भंडार और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने के लिए भी सहयोग करेंगे।

इस समझौते पर नई दिल्ली में एनएलयू जोधपुर की कुलपति प्रो. (डॉ.) हरप्रीत कौर और इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन के ट्रस्टी रजत कुमार ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर एनएलयू जोधपुर की कुलपति प्रो. (डॉ.) हरप्रीत कौर ने कहा, “सरकार के निर्देश के तहत हमने राजस्थान के एक गांव को गोद लिया और वहां महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों को समझने और उन पर काम करने का फैसला किया। हम कमजोर और असहाय महिलाओं और बुजुर्गों की देखभाल करते हैं, लेकिन इसके साथ ही हम बच्चों की भी देखभाल करेंगे। राजस्थान में बाल विवाह एक बड़ी समस्या है और यहां साक्षरता दर भी काफी कम है।”

उन्होंने कहा, “हम संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए हमने उन कमजोर वर्गों की समस्याओं को समझने की कोशिश की, जिन्हें सहयोग की जरूरत है और जहां एक शैक्षणिक संस्थान के रूप में हम मिलकर सहायता, प्रशिक्षण या शोध सामग्री उपलब्ध करा सकते हैं।”

सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहेवियर चेंज फॉर चिल्ड्रेन (सी-लैब) की प्रमुख प्रियंका ऋभु ने कहा, “एनएलयू जोधपुर जिस तरह का काम कर रहा है, वह इस समझौते के उद्देश्यों से पूरी तरह मेल खाता है। यह समझौता अकादमिक गतिविधियों, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण तथा शोध को शामिल करता है। खासकर बाल संरक्षण, मानवाधिकार और न्याय की अवधारणा से जुड़े व्यापक दृष्टिकोण के संदर्भ में। हमने जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाई है, उनमें बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर तेजी से विकसित हो रही बहस भी शामिल है।”

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

Share this story