पश्चिम बंगाल की अदालतों को उड़ाने की धमकी पर मुख्य सचिव ने कहा, न्यायाधीशों की सुरक्षा के लिए राज्य प्रतिबद्ध

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पश्चिम बंगाल की अदालतों को उड़ाने की धमकी पर मुख्य सचिव ने कहा, न्यायाधीशों की सुरक्षा के लिए राज्य प्रतिबद्ध


कोलकाता, 24 फरवरी (हि.स.)। राज्य के विभिन्न अदालतों को विस्फोट की धमकी मिलने के बाद मंगलवार अपराह्न राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक के पश्चात मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि न्यायाधीशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिला न्यायाधीश अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं और उन्हें हर प्रकार की सुरक्षा व सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मंगलवार को दिन बढ़ने के साथ अदालतों में कार्य जारी था, तभी अचानक कई अदालतों को विस्फोट की धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। इनमें सिटी सिविल कोर्ट, आसनसोल जिला न्यायालय, दुर्गापुर महकमा न्यायालय तथा मुर्शिदाबाद जिला न्यायाधीश न्यायालय शामिल हैं। सूचना मिलते ही एहतियातन अदालत परिसरों को खाली करा लिया गया और पुलिस ने श्वान दस्ते की सहायता से सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

इसे लेकर मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा, कोलकाता के पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार तथा पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को संबोधित किया और लोगों से अनावश्यक रूप से भयभीत न होने की अपील की।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद बड़ी संख्या में न्यायाधीश वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं। इस संदर्भ में पूछे गए प्रश्न पर मुख्य सचिव ने कहा कि दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है, किंतु सरकार न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।

कोलकाता के पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार ने बताया कि शहर के दो न्यायालयों सिटी कोर्ट और बैंकशाल कोर्ट को धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ था। तत्काल कार्रवाई करते हुए गुप्तचर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में संदेश को भ्रामक पाया गया है।

उन्होंने बताया कि यह संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच साइबर अपराध शाखा तथा गुप्तचर विभाग द्वारा की जा रही है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संदेश एक ही स्थान से भेजा गया या अलग-अलग स्थानों से, हालांकि संदेशों की प्रकृति समान बताई गई है।------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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