नगालैंड के चुमौकेदिमा में असम राइफल्स के काफिले पर आईईडी धमाका, एक जवान बलिदान

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नगालैंड के चुमौकेदिमा में असम राइफल्स के काफिले पर आईईडी धमाका, एक जवान बलिदान


कोहिमा, 13 जुलाई (हि.स.)। नगालैंड के चुमौकेदिमा ज़िले में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के हमले में सोमवार को असम राइफल्स के एक से अधिक जवान बलिदान हो गये और कई अन्य घायल हो गए। असम रायफल्स अधिकारियों ने बताया कि यह हमला सोखुवी गांव के पास हुआ और इसके बाद इलाके में एक बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू किया गया। बलिदान जवानों के आंकड़ों का आधिकारिक तौर पर जानकारी सामने नहीं आई है।

शुरुआती सूचना के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने असम राइफल्स के काफिले पर आईईडी फेंककर हमला किया, जिससे ज़बरदस्त धमाका हुआ। हमले में एक से अधिक जवान बलिदान हो गए, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है, हालांकि उनकी हालत के बारे में अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

यह घटना पिछले एक हफ़्ते में ज़िले में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किया गया दूसरा आईईडी हमला है, जिससे इलाके में उग्रवादी गतिविधियों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।

कीर्ति चक्र से सम्मानित सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर दिग्विजय सिंह रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दावा किया कि यह हमला नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नागालैंड (इसाक-मुइवा) [एनएससीएन-आईएम] ने किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संगठन ने सुरक्षा बलों पर पिछले हमलों में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम (उल्फा-आई) के साथ मिलकर काम किया है।

रावत ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, नगालैंड के चुमौकेदिमा में असम राइफल्स के काफिले पर एनएससीएन (आईएम) द्वारा एक हफ़्ते के भीतर दूसरा आईईडी धमाका। उल्फा-आई और एनएससीएन अतीत में सुरक्षा बलों पर कई घात लगाकर किए गए हमलों में साथ मिलकर काम करते रहे हैं।

हालांकि, किसी उग्रवादी समूह की संलिप्तता के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अब तक किसी भी संगठन ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।

धमाके के बाद, असम राइफल्स और डिमापुर पुलिस के जवानों ने हमलावरों का पता लगाने के लिए एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया है। हमले की जगह और उसके आसपास सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

घटना की जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतज़ार है।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

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