मप्र में राष्ट्रीय युवा शिविर में आए छह राज्यों के युवाओं ने किया सांची स्तूप और भोपाल के प्रमुख संग्रहालयों का भ्रमण

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मप्र में राष्ट्रीय युवा शिविर में आए छह राज्यों के युवाओं ने किया सांची स्तूप और भोपाल के प्रमुख संग्रहालयों का भ्रमण


- भारतीय इतिहास, स्थापत्य कला, जनजातीय संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से जाना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

भोपाल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय युवा शिविर में युवाओं ने गुरुवार को सांची स्तूप एवं भोपाल के प्रमुख संग्रहालयों का भ्रमण किया।

भ्रमण के दौरान युवाओं ने विश्वप्रसिद्ध सांची स्तूप की ऐतिहासिक महत्ता, वास्तुकला एवं कलात्मक विशेषताओं को करीब से देखा। प्रतिभागियों ने स्तूप के विशाल गुंबद, हर्मिका, शीर्ष पर स्थित छत्रों तथा प्रवेश द्वारों पर उकेरी गई कलाकृतियों का अवलोकन किया। तोरण द्वारों पर अंकित जातक कथाओं एवं भगवान बुद्ध के जीवन से संबंधित प्रसंगों ने युवाओं को भारतीय कला और प्राचीन शिल्प परंपरा की समृद्धि से परिचित कराया।

इस भ्रमण के माध्यम से युवाओं को पुस्तकों में पढ़े गए इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने सांची की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण तथा उसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

सांची भ्रमण के पश्चात युवाओं ने भोपाल स्थित मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय तथा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण किया। यहाँ प्रतिभागियों ने देश की विभिन्न जनजातियों की पारंपरिक जीवनशैली, कला, शिल्प, रीति-रिवाजों, मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जाना। इन संग्रहालयों में प्रदर्शित विविध सांस्कृतिक स्वरूपों ने युवाओं को भारत की बहुरंगी विरासत और विविधता में एकता की भावना को समझने का अवसर प्रदान किया। यह अनुभव युवाओं के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बना।

छह राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया एकता का संदेश

राष्ट्रीय वंदे मातरम् युवा शिविर के अंतर्गत गुरुवार को आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों में विभिन्न राज्यों से आए युवा प्रतिभागियों ने अपनी क्षेत्रीय संस्कृति, लोक परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों को एक-दूसरे की परंपराओं को जानने और समझने का अवसर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में आपसी सद्भाव, राष्ट्रीय एकता, पारस्परिक सम्मान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना को प्रोत्साहित किया गया। शिविर की गतिविधियाँ युवाओं को देश की विविध परंपराओं से जोड़ने और उनमें राष्ट्रीय गौरव की भावना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों की रही सहभागिता

कार्यक्रम के सफल संचालन में मेरा युवा भारत, मध्यप्रदेश के राज्य निदेशक मंगल जाखड़, उप निदेशक मोनिका चौधरी, रोहित यादव एवं भोपाल की उप निदेशक निक्की राठौर, सहायक निदेशक अभिषेक भारद्वाज, जिला युवा अधिकारी सागर वाधवानी, पल्लवी जैन, उमंग जैन व मयंक पाठक, लेखाधिकारी चेतराम जांगिड़, रिमी यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सहभागिता रही।

कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम मीडिया प्रभारी सागर वाधवानी ने आयोजन से जुड़े अतिथियों, अधिकारियों, युवा प्रतिभागियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सहभागी कलाकारों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय वंदे मातरम् युवा शिविर का उद्देश्य युवाओं को भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना, राष्ट्रीय एकता और विविधता में एकता की भावना को सुदृढ़ करना तथा विकसित भारत @2047 के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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