मध्य प्रदेश के खजुराहो में टूटा 33 साल का रिकॉर्ड, पारा 47.4 डिग्री पहुंचा, दिनभर चलीं गर्म हवाएं

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मध्य प्रदेश के खजुराहो में टूटा 33 साल का रिकॉर्ड, पारा 47.4 डिग्री पहुंचा, दिनभर चलीं गर्म हवाएं


भोपाल, 20 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कई जिले इस वक्त भट्टी की तरह तप रहे हैं और सूरज आसमान से आग उगल रहा है। बुधवार को छतरपुर जिले के पर्यटन स्थल खजुराहो में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। यहां अधिकतम तापमान रिकार्ड 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।

मौसम विभाग के मुताबिक, मई के महीने में खजुराहो कभी इतना नहीं तपा। इससे पहले यहां 29 अप्रैल 1993 को अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। प्रदेश का बुंदेलखंड और बघेलखंड इलाका भीषण हीटवेव (लू) की चपेट में है। खजुराहो के बाद नौगांव प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 46.6 डिग्री तक जा पहुंचा।

इसके अलावा दमोह में 46 डिग्री, मंडला में 45.6 डिग्री, सतना में 45.3 डिग्री और मुरैना में 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों की बात करें तो टीकमगढ़ 44.8 डिग्री, उमरिया 44.7 डिग्री, रीवा 44.5 डिग्री, सागर, नरसिंहपुर व मलाजखंड 44.4 डिग्री, रायसेन 44.2 डिग्री और दतिया में 44 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के पांच बड़े महानगरों की बात करें तो जबलपुर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां पारा 44.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, ग्वालियर में 44.3 डिग्री, भोपाल में 42.6 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गर्मी से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। अगले तीन दिनों तक प्रदेश में इसी तरह तीखी गर्मी पड़ेगी। बुधवार को प्रदेश के उत्तरी हिस्से जैसे भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, रायसेन और रतलाम में 'तीव्र लू' का प्रकोप रहा।

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित करीब 30 जिलों में दिनभर गर्म हवाएं (लू) चलती रहीं। इसके साथ ही राजगढ़, रायसेन, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट और छिंदवाड़ा में 'वॉर्म नाइट' (बेहद गर्म रात) का अलर्ट जारी किया गया है। यानी यहां रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा। बैतूल, पांढुर्णा, सिवनी और अनूपपुर में भी भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा।

मौसम वैज्ञानिक एच.एस. पांडे ने बताया कि दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक धूप और लू का असर सबसे घातक रहता है इसलिए लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही इस दौरान घरों से बाहर निकलें, अन्यथा धूप के सीधे संपर्क में आने से बचें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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