मप्र बना गिद्ध संरक्षण का अंतरराष्ट्रीय केंद्र.. भोपाल से उड़कर 3000 किमी दूर उज्बेकिस्तान पहुंचा
भोपाल, 09 मई (हि.स.)। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश एक अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में उभर रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से उड़ा एक गिद्ध 24 दिन में उज्बेकिस्तान पहुंच गया। गिद्ध ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान को पार कर करीब तीन हजार किलोमीटर की दूरी तय की। वन विभाग ने जीपीएस से उसकी निगरानी की।
यह जानकारी शनिवार को जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रदेश से जुड़े एक सिनेरियस गिद्ध की प्रेरणादायी यात्रा ने प्रदेश के संरक्षण प्रयासों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
उन्होंने बताया कि दुर्लभ सिनेरियस गिद्ध का रेस्क्यू 19 दिसंबर 2025 को विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र से किया गया था। घायल एवं कमजोर अवस्था में मिले इस गिद्ध का उपचार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल एवं बीएनएचएस के संयुक्त तत्वावधान में संचालित वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर, केरवा में विशेषज्ञों द्वारा किया गया। स्वस्थ होने के बाद 23 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे रायसेन जिले के हलाली डैम स्थित प्राकृतिक आवास में मुक्त किया था। मुक्त किए जाने के बाद यह गिद्ध लगभग एक माह तक हलाली डैम क्षेत्र में रहा और प्राकृतिक वातावरण में स्वयं को पुनः अनुकूलित करता रहा।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया एवं बीएनएच के सहयोग से वन विहार द्वारा इसकी जीपीएस ट्रैकिंग प्रारंभ की गई। इससे गिद्ध की गतिविधियों एवं प्रवास की वैज्ञानिक तरीके से निगरानी की जा रही है। ट्रैकिंग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस गिद्ध ने 10 अप्रैल 2026 को हलाली डैम से अपनी लंबी अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रारंभ की। राजस्थान से होते हुए यह पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाएं पार कर 4 मई 2026 को उज्बेकिस्तान पहुंच गया। इस दौरान इसने 3000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।
जनसम्पर्क अधिकारी जोशी ने बताया कि यह अद्भुत यात्रा गिद्धों की असाधारण नेविगेशन क्षमता, सहनशीलता एवं जीवटता का जीवंत उदाहरण है। साथ ही यह मध्य प्रदेश सरकार की वन्यजीव संरक्षण के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाती है। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों, आधुनिक उपचार सुविधाओं, वैज्ञानिक मॉनिटरिंग और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से मध्य प्रदेश आज देश के साथ ही वैश्विक वन एवं वन्यजीव संरक्षण समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है। प्रदेश गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में विश्व मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

