वंदे मातरम् के अपमान के विरोध में मप्र में भाजपा का प्रदर्शन, इंदौर सहित कई शहरों में निकाला कैंडल मार्च

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वंदे मातरम् के अपमान के विरोध में मप्र में भाजपा का प्रदर्शन, इंदौर सहित कई शहरों में निकाला कैंडल मार्च


इंदौर, 16 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम के कथित अपमान के विरोध में मध्य प्रदेश में रविवार को भाजपा द्वारा सभी जिलों में जोरदार प्रदर्शन किया गया। शाम को इंदौर सहित प्रदेश के कई शहरों में विशाल कैडल मार्च निकाले गए।

इंदर में गांधी हॉल से शुरू हुआ मार्च महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता हाथों में मोमबत्तियां लेकर शामिल हुए और वंदे मातरम् तथा राष्ट्रभक्ति के नारे लगाए। इस दौरान गांधी हॉल से गांधी प्रतिमा तक जाने वाले वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया जिससे कुछ देर वहां जाम लगा रहा। बाद में रैली के गांधी प्रतिमा तक पहुंचने पर जाम खत्म हुआ।

मार्च में प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और वंदे मातरम् के अपमान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

कैंडल मार्च के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वंदे मातरम् कोई सामान्य गीत नहीं है, बल्कि राष्ट्रभक्ति का मंत्र है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन के दौरान देश के युवाओं में वंदे मातरम् का नारा जोश और ऊर्जा भरने का काम करता था। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारत माता की प्रार्थना के समान है और देश के इतिहास में इसका विशेष महत्व है।

विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के दौरान जिस तरह व्यवधान पैदा किया गया, उससे कांग्रेस के राष्ट्र प्रेम पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब इस मामले में सफाई देने और बचाव की कोशिश कर रही है, लेकिन देश की जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गौरव रणदिवे ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर की पार्टी है और वंदे मातरम का अपमान कर रही है। उन्हो ने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस में देश के प्रति सम्मान है तो उसे इस मामले में देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को समझना चाहिए। भाजपा नेताओं ने कहा कि कैंडल मार्च का उद्देश्य वंदे मातरम् के सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश देना है। कार्यकर्ताओं ने मार्च के दौरान देशभक्ति के नारे लगाए गए।

बैतूल में भी भाजपा युवा मोर्चा ने रविवार को कैंडल मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने हाथों में जलती मोमबत्तियां और तिरंगा लेकर भाजपा जिला कार्यालय से कांतिशिवा चौक गंज तक मार्च किया। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार ने कहा कि वंदे मातरम देश की आन, बान और शान है। इसका अपमान पूरे देश का अपमान है।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी का व्यवहार राष्ट्रगीत के प्रति अनादरपूर्ण था। पंवार ने सोनिया गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की।

युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विक्रम वैद्य ने भी इस कथित अपमान को लेकर युवाओं में आक्रोश जताया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से मामले में देश से माफी मांगने की अपील की। भाजपा नेताओं ने कहा कि देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने बलिदान दिया है। वंदे मातरम स्वतंत्रता आंदोलन की भावनाओं से जुड़ा राष्ट्रगीत है। कैंडल मार्च का समापन राष्ट्रगान के गायन के साथ हुआ। प्रदर्शन में भाजपा के जिला और मंडल पदाधिकारियों के साथ युवा मोर्चा और विभिन्न मोर्चों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

नीमच में रविवार शाम भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने शहर के 40 नंबर चौराहे पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद 40 नंबर चौराहे से कैंडल मार्च निकाला गया, जो शहर के मुख्य रास्तों से गुजरते हुए वापस उसी चौराहे पर खत्म हुआ। मार्च में शामिल लोग देशभक्ति के नारे लगा रहे थे। भाजपा नेताओं का कहना है कि 'वंदे मातरम्' देश की आजादी और राष्ट्रभक्ति से जुड़ा गीत है, इसका अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। भाजपा ने कांग्रेस से देश से माफी मांगने की मांग की है।

रायसेन में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम कैंडल मार्च निकाला। मार्च भाजपा कार्यालय से शुरू होकर गांधी प्रतिमा तक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने शहर में कांग्रेस कार्यालय की तलाश की, लेकिन उन्हें कोई कार्यालय नहीं मिला। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक स्थल गांधी प्रतिमा पर जलती मोमबत्तियां रखकर विरोध दर्ज कराया।

वहीं, मंदसौर में भाजपा ने रविवार देर शाम मशाल जुलूस निकाला। जुलूस जिला भाजपा कार्यालय से शुरू होकर बड़े बालाजी मंदिर होते हुए गांधी चौराहा पहुंचा। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गान किया। जुलूस में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित और प्रदेश प्रवक्ता यशपालसिंह सिसोदिया सहित कई भाजपा नेता शामिल हुए। नेताओं ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अनादर का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।

भाजपा नेताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस राष्ट्रगीत ने क्रांतिकारियों में त्याग और बलिदान की भावना जगाई थी। ऐसे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक का अनादर देशवासियों की भावनाओं को आहत करता है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि यह विवाद 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान सामने आया। पार्टी के अनुसार, कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया जा रहा था। इसी दौरान सामने आए एक वीडियो में सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर इशारा करती नजर आईं।

भाजपा नेताओं का दावा है कि यह इशारा राष्ट्रगीत को बीच में रोकने या उसके पूर्ण गायन पर आपत्ति जताने से संबंधित था। भाजपा ने इसे राष्ट्रगीत और देश की भावनाओं का अपमान बताया और कांग्रेस से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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