अभिनेता मोहित रैना पत्नी अदिति संग पहुंचे महाकाल मंदिर, भस्म आरती में हुए शामिल
उज्जैन, 17 अक्टूबर (हि.स.)। टीवी सीरियल ‘देवों के देव महादेव’ में भगवान शिव की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता मोहित रैना ने शनिवार काे श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचे। उनके साथ पत्नी अदिति भी माैजूद रही। यहां दोनों ने भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
मोहित रैना और उनकी पत्नी शनिवार तड़के करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे। दोनों ने नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक भस्म आरती के दर्शन किए। इस दौरान वे हाथ जोड़कर भगवान महाकाल की आराधना करते नजर आए। आरती के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच भक्ति का माहौल रहा। भस्म आरती के बाद मोहित रैना और अदिति ने मंदिर की देहरी से भगवान महाकाल को नमन किया। इसके बाद पुजारियों के माध्यम से जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पंडित आशीष पुजारी ने दोनों का सम्मान किया।
भगवान महाकाल दर्शन के बाद मोहित रैना ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि, “मेरे पास शब्द नहीं हैं। बाबा के दर्शन का अद्भुत अनुभव रहा। दर्शन बहुत अच्छे से हुए। भगवान महाकाल की कृपा सब पर बनी रहे।” मोहित रैना को टीवी सीरियल ‘देवों के देव महादेव’ में भगवान शिव के किरदार से खास पहचान मिली थी। इसके अलावा वे फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में भी अभिनय कर चुके हैं। इसके अलावा वेब सीरीज द फ्रीलांसर, मुंबई डायरीज, भौकाल, काफ़िर के अलावा वे जी5 की लोकप्रिय वेब सीरीज 'रंगबाज़' के चौथे सीज़न में भी दिखाई देंगे।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के चार बजे भस्म आरती के लिए पट खोले गए। आश्विन शुक्ल सप्तमी के अवसर पर हुई आरती में भगवान महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। पट खुलने के बाद पुजारी-पंडों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद हरिओम जल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की गई।
भगवान महाकाल को रजत ओम, बिल्वपत्र से बना मुकुट, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्प अर्पित किए गए। भगवान का त्रिपुंड और त्रिशूल से शृंगार किया गया। इसके साथ ही रजत मुकुट और मुंडमाला सहित अन्य आभूषणों से अलंकरण किया गया। पूजन के दौरान भगवान गणेश, माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय की भी पूजा की गई। भगवान महाकाल को फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया।
पूजन और कपूर आरती के बाद भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। यह भस्म महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। कई श्रद्धालु नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते नजर आए। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

