भोपाल में वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर बने तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड : 43 वाद्य यंत्रों के साथ हुई प्रस्तुति

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भोपाल में वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर बने तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड : 43 वाद्य यंत्रों के साथ हुई प्रस्तुति


भोपाल में वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर बने तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड : 43 वाद्य यंत्रों के साथ हुई प्रस्तुति


- 150 छात्राओं ने कथक और 200 विद्यार्थियों ने किया सामूहिक गायन

भोपाल, 01 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के मौके पर मंगलवार को देशभक्ति, संगीत और भारतीय शास्त्रीय नृत्य का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां डीबी सिटी मॉल में आयोजित कार्यक्रम में एक नहीं, बल्कि तीन विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया, जिन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किए जाने की घोषणा की गई।

भोपाल ने वंदे मातरम् के 150वें वर्ष को संगीत और शास्त्रीय नृत्य के जरिए खास अंदाज में मनाया। डीबी सिटी मॉल में मंगलवार शाम को आयोजित कार्यक्रम में म्यूजिशियन अभय तिवारी ने 43 अलग-अलग वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति दी, जबकि 200 से अधिक विद्यार्थियों ने ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। इसके साथ ही 150 से ज्यादा छात्राओं ने इसी गीत पर सामूहिक कथक नृत्य प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का आयोजन विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति और विविधा एकेडमी की ओर से किया गया। आयोजकों के मुताबिक इसका उद्देश्य सिर्फ विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पीढ़ी से जोड़ना और भारतीय संगीत व शास्त्रीय नृत्य को बड़े मंच पर प्रस्तुत करना है।

एक गीत, तीन अलग-अलग रिकॉर्ड

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि डीबी सिटी मॉल में एक नहीं, बल्कि तीन विश्व रिकॉर्ड बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहला रिकॉर्ड अभय तिवारी की प्रस्तुति का है, जिसमें उन्होंने रिले फॉर्मेट में एक के बाद एक 40 से अधिक अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स और कुछ रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं से संगीत की प्रस्तुति दी।

इसके अलावा 200 से अधिक विद्यार्थियों के सामूहिक गायन और ‘वंदे मातरम्’ पर सामूहिक कथक नृत्य को भी रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। डॉ. विश्नोई ने तीनों प्रस्तुतियों को अद्भुत और अनूठा बताते हुए कहा कि इन तीनों उपलब्धियों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व रिकॉर्ड के रूप में शामिल किया गया है।

43 वाद्य यंत्रों से ‘वंदे मातरम्’ की थीम पर प्रस्तुति

म्यूजिशियन अभय तिवारी ने ‘वंदे मातरम्’ की थीम पर 43 अलग-अलग वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति दी। इनमें पारंपरिक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स के साथ रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कुछ वस्तुओं को भी संगीत के लिए इस्तेमाल किया गया। प्रस्तुति को रिकॉर्ड के लिए दर्ज किया गया।

अभय तिवारी ने कहा कि इस आयोजन की तैयारी करीब तीन महीने से चल रही थी। लंबे समय से आयोजन को लेकर दबाव था, लेकिन लगातार मेहनत के बाद आज इस प्रयास को साकार करने का मौका मिला।

200 विद्यार्थियों ने गाया ‘वंदे मातरम्’

दूसरे रिकॉर्ड प्रयास में विविधा एकेडमी के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने ‘वंदे मातरम्’ के मूल संस्कृत पाठ पर आधारित गीत का सामूहिक गायन किया। करीब पांच मिनट से अधिक की इस प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने एक साथ राष्ट्रगीत को स्वर दिया। अभय तिवारी के मुताबिक, प्रस्तुति के लिए ‘वंदे मातरम्’ के उस मूल स्वरूप को शामिल किया गया, जिसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था।

150 से ज्यादा छात्राओं ने कथक में पेश किया राष्ट्रगीत

कार्यक्रम का तीसरा और सबसे खास आकर्षण 150 से अधिक छात्राओं की सामूहिक कथक प्रस्तुति रही। छात्राओं ने ‘वंदे मातरम्’ पर शास्त्रीय कथक नृत्य प्रस्तुत किया। लाइव म्यूजिक के साथ हुई इस प्रस्तुति में कथक की पारंपरिक शैली के साथ राष्ट्रभावना को जोड़ा गया।

कथक गुरु और इंटरनेशनल कथक परफॉर्मर अभिलाषा तिवारी ने बताया कि विविधा एकेडमी की ओर से ‘वंदे मातरम्’ पर कथक की विस्तृत शास्त्रीय प्रस्तुति तैयार की गई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर इस तरह के राष्ट्रीय गीतों पर सरल स्टेप्स के साथ प्रस्तुतियां होती हैं, लेकिन एकेडमी ने इसे कथक की शास्त्रीय शैली में बड़े स्तर पर पेश करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष को देखते हुए एकेडमी ने यह तय किया कि इस अवसर पर ऐसा प्रयास किया जाए, जिसमें राष्ट्रीय गीत को भारतीय शास्त्रीय नृत्य के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा सके।

15 दिन में स्थायी प्रमाण-पत्र मिलने की उम्मीद

अभय तिवारी ने बताया कि आयोजन के बाद रिकॉर्ड से संबंधित प्रोविजनल सर्टिफिकेट मिलने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उनके मुताबिक, करीब 15 दिन में स्थायी प्रमाण-पत्र मिलने की उम्मीद है। इसके बाद प्रतिभागियों के सम्मान के लिए अलग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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