एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में गूगल प्ले और एमपीएसईडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण एमओयू

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एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में गूगल प्ले और एमपीएसईडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण एमओयू


एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में गूगल प्ले और एमपीएसईडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण एमओयू


एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में गूगल प्ले और एमपीएसईडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण एमओयू


- टेक ग्रोथ कॉनक्लेव निवेशोन्मुखी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा: मुख्य सचिव जैन

भोपाल, 13 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में गूगल प्ले एवं एमपीएसईडीसी (मप्र राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड) के मध्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल क्षमता विकास के क्षेत्र में सहयोग संबंधी महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस साझेदारी से प्रदेश में उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल नवाचार एवं कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 राज्य सरकार की निवेशोन्मुखी नीति के तहत आयोजित कॉन्क्लेव श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी शुरुआत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश एवं विदेश में आयोजित विभिन्न इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में सहभागिता कर मध्य प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

उन्होंने कहा कि भविष्य आईटी एवं डेटा सेंटर का है और इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश टेक सेक्टर पर विशेष फोकस कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की औद्योगिक निवेश यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है और डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आ चुका है।

मुख्य सचिव जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने उद्योग-मित्र नीतियां लागू की हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। निवेशक प्रदेश की नीतियों और कार्य प्रणाली पर विश्वास जता रहे हैं तथा अनेक उद्योग समूहों ने एक से अधिक बार निवेश कर इस विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध मानव संसाधन, उच्च शिक्षण संस्थान, पर्याप्त लैंड बैंक, प्लग एंड प्ले सुविधाएं तथा निर्बाध विद्युत उपलब्धता निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क में निवेश लगातार बढ़ रहा है तथा ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भारत सरकार से अनुमति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है तथा राज्य सरकार देश में सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी उपलब्ध करा रही है। प्रदेश का आत्मीय और निवेशक-अनुकूल वातावरण भी उद्योगों एवं निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी इकाइयों का हुआ लोकार्पण

कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई गति प्रदान करते हुए 20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित इकाइयों का लोकार्पण किया। इन इकाइयों में 178.70 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1229 नए रोजगार सृजित होंगे। ये इकाइयाँ मुख्य रूप से इंदौर, भोपाल और जबलपुर के आईटी पार्कों में स्थापित की गई हैं। इनमें आईटी/आईटीईएस, ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) और नवाचार आधारित उद्योग शामिल हैं। इन इकाइयों के संचालन से प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इको सिस्टम को मजबूती मिलेगी तथा निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को नया प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

आठ कंपनियों को प्रदाय किए गए भूमि आवंटन के आशय-पत्र

मुख्यमंत्री ने निवेश और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कॉनक्लेव में 8 कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र प्रदान किए। इन परियोजनाओं में 203.58 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1242 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन आवंटनों से इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क और भोपाल के बड़वई आईटी पार्क में आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी अवसंरचना और स्टार्ट-अप इको सिस्टम को सुदृढ़ आधार मिलेगा और प्रदेश में तकनीकी निवेश एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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