मप्र में स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत, एक माह में चौथे व्यक्ति ने तोड़ा दम

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मप्र में स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत, एक माह में चौथे व्यक्ति ने तोड़ा दम


भोपाल, 13 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों के बीच एक और मरीज की मौत हो गई। संक्रमण की चपेट में आए भोपाल के एक बुजुर्ग ने शनिवार रात निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। भोपाल में इस साल स्वाइन फ्लू से यह पहली और प्रदेश में एक माह में चौथी मौत हुई है।

जानकारी के मुताबिक, भोपाल के ओल्ड मिनाल रेसीडेंसी निवासी राम सिंह (80) स्वाइन फ्लू से संक्रमित थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमण के चलते उन्हें गंभीर रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम और एक्यूट रेस्पिरेटरी फेलियर हो गया था। बुजुर्ग पहले से ही हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित थे।

इससे पहले 11 सितंबर की रात उज्जैन में एक महिला मरीज की मौत हुई थी। शहर के अलखनंदा नगर निवासी वनमाला (75) पत्नी महेशचंद्र झाला को एक सितंबर को तबीयत खराब होने पर परिजन ने बिड़ला हास्पिटल में भर्ती कराया। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। एक दिन बाद उन्हें अवंति हास्पिटल में ले गए, जहां आईसीयू में भर्ती करया गया। इसके बाद आईसोलेशन वार्ड में रखा गया, जहां 11 सितंबर की रात उनकी मौत हो गई।

उज्जैन के सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि अलखनंदा नगर में रहने वाली वृद्ध महिला की निजी अस्पताल में मौत हुई है। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। उन्हें डायबिटीज, बीपी सहित अन्य परेशानी भी थी। स्वास्थ्य विभाग ने उनके परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों की जांच की है, इनमें कोई पीड़ित नहीं मिला है।

उज्जैन में स्वाइन फ्लू से यह दूसरी महिला की मौत हुई थी। इससे पहले उज्जैन के ऋषि नगर निवासी 63 वर्षीय सरोज नागर की करीब तीन सप्ताह पहले (19 अगस्त) इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। यह प्रदेश में स्वाइन फ्लू से इस साल की पहली मौत थी।

वहीं, बीते 10 सितंबर को इंदौर में स्वाइन फ्लू के कारण एक और महिला की हुई थी। मृतका शाजापुर की रहनी वाली थी और इलाज के लिए 10 दिन से इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। पहले उसे सर्दी-जुकाम की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे सांस संबंधी समस्याएं होने लगीं। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्वाइन फ्लू के अलावा वह कोविड से भी संक्रमित थी। नजदीकी लोगों के मुताबिक महिला में 28 अगस्त से बुखार, खांसी और सर्दी के लक्षण शुरू हुए थे। महिला की एच1एन1 जांच एक सितंबर को पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्हें इंदौर में इलाज के लिए एडमिट कराया गया। वहीं, 2 सितंबर की रिपोर्ट में इन्फ्लुएंजा के साथ कोविड-19 भी पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी दी गई है।

इधर, भोपाल में स्वाइन फ्लू के मामले लगाता बढ़ते जा रहे हैं। यहां सितंबर के शुरुआत 12 दिनों में 232 संदिग्ध सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 43 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, एक जनवरी, 2026 से अब तक राजधानी में स्वाइन फ्लू के कुल 65 मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की जा रही है। सितंबर में अचानक बढ़े मामलों ने राजधानी में स्वाइन फ्लू को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा का कहना है कि स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। सभी प्रमुख अस्पतालों में बेड और आवश्यक दवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मौसमी बदलाव के कारण इन्फ्लूएंजा का प्रभाव बढ़ा है। नागरिकों से अपील है कि सर्दी, खांसी, तेज बुखार या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज और बुजुर्ग भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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