केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने विदिशा में किया जिला समृद्धि मॉडल परियोजना का शुभारंभ

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केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने विदिशा में किया जिला समृद्धि मॉडल परियोजना का शुभारंभ


विदिशा, 19 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गांवों को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक नई पहल के रूप में विदिशा से जिला समृद्धि मॉडल परियोजना का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुभारंभ हुआ। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार देर शाम विदिशा के रविन्द्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गांवों को गरीबी से मुक्त करने के उद्देश्य से इस नई पहल की शुरुआत विदिशा जिले से की जा रही है। इसका मूल उद्देश्य गांवों में रहने वाले परिवारों की आय में वृद्धि करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध कराना है।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विदिशा जिले को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'समृद्ध विदिशा' मॉडल शुरू किया गया है। एक किसान के पास कम से कम दो आय के साधन होने चाहिए, ताकि उसकी कमाई बढ़ सके। 'समृद्ध विदिशा' मॉडल के तहत हर गांव के परिवार को किसी न किसी आजीविका गतिविधि से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने कहा कि गरीबी से मुक्ति केवल सहायता उपलब्ध कराने से नहीं, बल्कि परिवारों की आय के स्थायी और विविध स्रोत विकसित करने से संभव होगी। जिला समृद्धि मॉडल परियोजना के माध्यम से प्रत्येक गांव की स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकास की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। गांवों में कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग, स्वरोजगार, ग्रामीण पर्यटन तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि गांवों के प्रत्येक परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए यह आवश्यक है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो और ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का समन्वित लाभ मिले। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों की क्षमता, स्थानीय संसाधनों और बाजार की संभावनाओं को जोड़कर एक से अधिक आय के साधन विकसित करना जिला समृद्धि मॉडल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि गांवों में विकास की प्रक्रिया केवल शासकीय विभागों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। ग्रामीण स्वयं अपनी आवश्यकताओं और संभावनाओं की पहचान करें तथा प्रशासन और संबंधित विभाग उनके लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, ऋण, बाजार और योजनाओं से जोड़ने का कार्य करें।

कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री लखन पटेल ने कहा कि जिला समृद्धि मॉडल परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए विकास को नई गति दी जाएगी। गांवों में विभिन्न विभागों की योजनाओं का बेहतर समन्वय कर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किसानों और ग्रामीण परिवारों को कृषि आधारित गतिविधियों के साथ अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर संभावनाओं की पहचान कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

जिला समृद्धि मॉडल परियोजना के अंतर्गत गांवों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर वहां उपलब्ध संसाधनों, मानव शक्ति और स्थानीय बाजार की संभावनाओं के आधार पर विकास की दिशा तय की जाएगी। इसके तहत ऐसे परिवारों को चिन्हित किया जाएगा, जिनकी आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त आजीविका गतिविधियों की आवश्यकता है।

परियोजना में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ ही पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण एवं स्व-सहायता व अन्य ग्रामीण उद्यमों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार की योजनाओं से जोड़कर उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।

गांवों की समृद्धि के लिए जनभागीदारी महत्वपूर्ण

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि गांवों को गरीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। ग्राम पंचायत, स्व-सहायता समूह, किसान समूह, युवा और ग्रामीण परिवार मिलकर अपनी स्थानीय आवश्यकताओं एवं आर्थिक संभावनाओं के अनुरूप कार्य करेंगे।

जिला समृद्धि मॉडल परियोजना के माध्यम से गांवों में केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार की आर्थिक क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास किए जाएंगे। विदिशा से शुरू हुई यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर विकसित करने और गांवों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में आगे बढ़ाई जाएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने टीम वर्क की भावना से कार्य करने पर बल दिया है।

कार्यक्रम के दौरान जिला समृद्धि माडल परियोजना प्रारूप विदिशा पुस्तिका का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम स्थल पर जिला पंचायत अध्यक्ष गीता कैलाश रघुवंशी, विधायकगण सूर्य प्रकाश मीणा, हरिसिंह सप्रे, हरिसिंह रघुवंशी, विदिशा नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों, एमपीएसआरएलएम भोपाल के सीईओ विनय निगम पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी,कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों के सदस्यगणों के साथ साथ गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम तदानुसार वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बाढ वाले गणेश मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना भी की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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