(अपडेट) देश में 22 लाख करोड़ रुपये के पेट्रोल-डीजल और गैस आयात को कम करना हमारा मिशनः नितिन गडकरी

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(अपडेट) देश में 22 लाख करोड़ रुपये के पेट्रोल-डीजल और गैस आयात को कम करना हमारा मिशनः नितिन गडकरी


(अपडेट) देश में 22 लाख करोड़ रुपये के पेट्रोल-डीजल और गैस आयात को कम करना हमारा मिशनः नितिन गडकरी


- केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुगम परिवहन सेवा का किया शुभारंभ, 7 शहरों की 351 इंटरसिटी-इंट्रासिटी बसों को दिखाई झंडी

भोपाल, 25 सितम्बर (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अब बेहतर शासन संचालन का मूल्यांकन सुखांक की गणना के आधार पर हो रहा है। हमारी सरकार जनता को अच्छी सड़कें, पानी, भोजन, स्वास्थ्य की सुविधा के माध्यम से खुशी जीवन देने की दिशा में कार्य कर रही है। बेहतर सड़कों का निर्माण भी इसी दिशा में एक प्रयास है। इसी दिशा में हम प्रदूषण को कम करना चाहते हैं। देश में 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोल-डीजल और गैस आयात होता है। इसे कम करने को ही मैंने अपना मिशन बनाया है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी शुक्रवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे देश में पहली इलेक्ट्रिस बस, कार, इलेक्ट्रिक स्कूटर और ऑटो को झंडी दिखाने का सौभाग्य मिला है। देश में फ्लेक्स इंजन के साथ वाहन तैयार किए जा रहे हैं। इनमें इथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। दुनिया के कई देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन से गाड़ियां चलती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में वर्ष 2022 से पेट्रोल में इथेनॉल को मिलाकर फ्यूल डाला जा रहा है। अभी देशभर में 4 करोड़ फोर व्हीलर और 20 करोड़ टू-व्हीलर में यह फ्लूड डाला जा रहा है। एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इथेनॉल के इस्तेमाल से वाहन को नुकसान नहीं होता, बल्कि गाड़ी का एवरेज भी बढ़ा है। देश का किसान अब अन्नदाता से ऊर्जादाता भी बना है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित अन्य वैकल्पिक ईधन की व्यवस्था आवश्यक

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से पेट्रोल-डीजल का खर्च बचता है। गरीबों को इलेक्ट्रिक एयरकंडीशन बसों की सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में 30 प्रतिशत कम होना चाहिए, यह हमारा सपना है। देश में 10 रूट्स पर हाइड्रोजन से चलने वाली बसें चलाने की पहल की गई है। अब सभी ऑटोमोबाइल कंपनियां फ्लेक्स फ्यूल इंजन के साथ वाहन तैयार करेंगे, जिनमें 100 प्रतिशत इथेनॉल का इस्तेमाल किया जाएगा। अब देश को 22 लाख करोड़ का पेट्रोल-डीजल आयात नहीं करना पड़ेगा। देश के किसान मक्का से इथेनॉल तैयार करेंगे और प्रदूषण का स्तर घटेगा। उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों को मक्का का भाव 2600 रुपए मिल रहा है। वैकल्पिक ईधन की व्यवस्था से ही देश में आर्थिक स्वावलंबन का मॉडल बनेगा।

सिटी बसों को दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा को देखते किया गया डिजाइन

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि तकनीक के जरिए हम वेस्ट को वेल्थ में बदल सकते हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में हमने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया में तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था को अगले साल में तीसरे स्थान पर लेकर जाना है। इसमें ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की भूमिका सबसे अहम होगी। देश में ई-बसों के निर्माण के लिए वर्ल्ड क्लास बॉडी स्ट्रक्टर कोड लागू किया गया है। अब बसों का रजिस्ट्रेशन टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जांच करने के बाद किया जाएगा। अब चेक लिस्ट के भौतिक और वीडियो सत्यापन के बाद ही बसों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। आरटीओ ऑफिस की 17 सेवाओं को डिजिटल कर दिया गया है। हमारी सरकार ने सभी सिटी बसों को दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए डिजाइन तैयार किए हैं।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों के लिए होगी लाभप्रद

केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा का मार्ग दिखाया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत का यह निर्णय मध्य प्रदेश की जनता के लिए आवागमन सुविधाओं को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका लाभ प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों को भी मिलेगा। प्रदेश में राज्य परिवहन सेवा का एक दौर ऐसा भी था, जब बसों में घंटी छोड़कर सब बजता था।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने नवाचारी विचार के साथ सार्वजनिक परिवहन को दोबारा शुरू किया है। मध्य प्रदेश को 972 पीएम-ई बसें मिली हैं। मध्य प्रदेश में 25 हजार इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाने की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश में अभी 8 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर हैं,अभी 21 और शुरू करने की आवश्यकता है। प्रदेश में 6 और ऑपरेशनल टेस्टिंग सेंटर खोलने के लिए स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में 29 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्वीकृत हैं। अब 61 सेंटर और दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैब एग्रीगेटर्स के साथ जुड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। राज्य सरकारों को इस दिशा में कार्य करना होगा, मध्यप्रदेश में इस पहल से 40 से 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सात शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बताया गया कि प्रदेशवासियों को सुगम, सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की जा रही है। इस सेवा से शहरी ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों तक परिवहन सेवा का विस्तार होगा। इस इण्टरसिटी और इण्टर स्टेट बस सेवा के अंतर्गत अगले 5 वर्षों में 3500 से अधिक मार्गों पर 15 हजार से अधिक बसों का चरणबद्ध विस्तार होगा। पूरे प्रदेश में नगरों, छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आम आदमी के लिए सफर आसान होगा। यह ऐसा एकीकृत परिवहन तंत्र है जो यात्रा के समय को कम करेगा और सफर को अधिक सुगम बनाएगा। पूरे प्रदेश में आधुनिक-सुविधाजनक बस स्टॉप, बस टर्मिनल और निजी बस ऑपरेटरों के लिए बस डिपो विकसित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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