जीआईएस आधारित नवाचार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश को ‘अचीवमेंट इन जीआईएस अवार्ड’

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जीआईएस आधारित नवाचार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश को ‘अचीवमेंट इन जीआईएस अवार्ड’


जीआईएस आधारित नवाचार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश को ‘अचीवमेंट इन जीआईएस अवार्ड’


- गरुड़ पोर्टल के माध्यम से नगरीय निकायों में सुशासन और आधुनिक प्रबंधन को मिली नई पहचान

भोपाल, 02 सितम्बर (हि.स.) । मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में जीआईएस और आधुनिक तकनीक के जरिए सुशासन को बढ़ावा देने की पहल को राष्ट्रीय पहचान मिली है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एकीकृत जीआईएस प्लेटफॉर्म ‘गरुड़’ के नवोन्मेषी उपयोग के लिए प्रदेश को प्रतिष्ठित ‘अचीवमेंट इन जीआईएस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

जनसंपर्क अधिकारी अवंतिका जायसवाल ने बुधवार को बताया कि राज्य के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा विकसित एकीकृत जीआईएस आधारित प्लेटफॉर्म 'गरुड़' (जीआईएस आधारित अर्बन डेटा एनालिटिक्स सेंटर) के उत्कृष्ट और नवोन्मेषी उपयोग के लिए मध्यप्रदेश को प्रतिष्ठित ‘अचीवमेंट इन जीआईएस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के समारोह में एसरी इंडिया निदेशक अजेन्द्र कुमार ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे को यह सम्मान प्रदान किया।

आयुक्त भोंडवे ने कहा कि 'गरुड़' के माध्यम से डेटा को निर्णय लेने का मुख्य आधार बनाया गया है, जिससे नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सेवा वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार आ रहा है।

जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि 'गरुड़' एक अत्याधुनिक एकीकृत जीआईएस आधारित डेटा एनालिटिक्स सेंटर है, जो नगरीय निकायों के विभिन्न शहरी और राजस्व संबंधी आंकड़ों को एक मंच पर लाकर उनका स्थानिक विश्लेषण करता है। इस डिजिटल नवाचार के माध्यम से राज्य के नगरीय निकायों में संपत्ति एवं राजस्व का मानचित्र-आधारित विश्लेषण, अपंजीकृत तथा संभावित नई संपत्तियों की सटीक पहचान और राजस्व संवर्धन के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा रही है। इसके साथ ही, जलापूर्ति एवं सीवरेज नेटवर्क, भूमि उपयोग, अतिक्रमण नियंत्रण, भवन अनुज्ञा और नगरीय अधोसंरचना की रियल-टाइम डिजिटल निगरानी को अत्यंत सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि गरुड़ प्रणाली के अंतर्गत विकसित पर्यवेक्षण मॉडल के माध्यम से नागरिक सुविधाओं और परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति का सटीक डेटा-संचालित विश्लेषण संभव हो रहा है। यह प्रणाली शहरी निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के रख-रखाव और जन-सुविधाओं के सुगम प्रबंधन में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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