‘मिसाइल’ बयान को लेकर ओवैसी और रामेश्वर शर्मा आमने-सामने

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‘मिसाइल’ बयान को लेकर ओवैसी और रामेश्वर शर्मा आमने-सामने


भोपाल, 16 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बीच मिसाइल वाले बयान को लेकर सियासी जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी पर बदतमीजी की भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि अगर वह वकील हैं तो उनके बयान को लेकर कोर्ट जा सकते हैं।

ओवैसी ने मंगलवार रात भोपाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विरोध में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा को लेकर आपत्तिजनक बयान देते हुए था कि अगर माई के लाल हो तो काजी कैंप में आकर मिसाइल चलाकर दिखाएं। मैं अकेले काजी कैंप में खड़े होने और शहीद होने के लिए तैयार हूं, लेकिन रामेश्वर शर्मा जैसे लोगों के सामने सिर नहीं झुकाएंगे।

रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को कहा कि भारत के वैज्ञानिकों ने जो मिसाइल तैयार की है, उसे भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल कर अपनी ताकत दिखाई। शर्मा ने आगे कहा कि मिसाइल चलती थी और चलती रहेगी। उनके मुताबिक जहां-जहां आतंकवादी और भारत विरोधी कैंप होंगे, वहां भारत की मिसाइल तैयार है। उन्होंने कहा कि वह अपने पुराने बयान पर कल भी कायम थे और आज भी कायम हैं।

शर्मा ने ओवैसी के यूसीसी विरोध पर भी पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब हर राजनीतिक दल हिंदुओं के वोट लेना चाहता है तो फिर हिंदू कानून क्या बुरा है। शर्मा ने बहुविवाह, हलाला और तलाक जैसी प्रथाओं का विरोध करते हुए कहा कि देश में सभी के लिए समान कानून होना चाहिए।

शर्मा ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा के अनुसार 2029 तक 21 राज्यों में यूसीसी लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू होगा और इसे बाबा साहेब आंबेडकर की भावना के अनुरूप लागू किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में यूसीसी लागू करने की तैयारी कर ली है। मध्य प्रदेश विधानसभा से 21 जुलाई को पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है और इसे मंजरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही इसके प्रावधान प्रदेश में प्रभावी हो सकेंगे। इसके बाद विधि एवं विधायी विभाग राजपत्र में अधिसूचना जारी करेगा। यूसीसी में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान है। महिला और पुरुष को उत्तराधिकार में समान अधिकार देने का भी प्रावधान है। अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

मप्र में लागू होने वाले यूसीसी के विरोध में मंगलवार की रात भोपाल में विशाल जनसभा आयोजित की गई थी, जिसमें एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी भी शामिल हुए थे। इसी सभा में उन्होंने भरे मंच से रामेश्वर शर्मा के एक पुराने बयान को लेकर उन्हें चुनौती दी थी। रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप को लेकर दिए गए बयान का वीडियो सितंबर के पहले सप्ताह में सामने आया था, जिसमें उन्होंने करोंद चौराहे से काजी कैंप पर मिसाइल गिराने की बात कही थी। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप से था।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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