राष्ट्रपति ने कूनो नेशनल पार्क का किया भ्रमण, दिल्ली हुईं रवाना
- ग्वालियर विमानतल पर दी गई भावभीनी विदाई
भोपाल, 22 जून (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को श्योपुर जिला स्थित प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण किया। इसके साथ ही उनका मध्य प्रदेश का पांच दिवसीय दौरा पूरा हाे गया। राष्ट्रपति सोमवार सुबह 10.35 बजे वायुसेना के विमान से ग्वालियर से दिल्ली रवाना हाे गईं। इस मौके पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
राष्ट्रपति मुर्मु रविवार शाम को कूनो नेशनल पार्क पहुंची थीं। उन्होंने रात्रि विश्राम कूनो पार्क में ही किया और सोमवार सुबह पार्क का भ्रमण कर 'चीता मित्रों' और सहरिया जनजाति के सदस्यों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने 'प्रोजेक्ट चीता' में उनके योगदान के लिए उनकी सराहना की।
कूनो भ्रमण के बाद राष्ट्रपति मुर्मु श्योपुर से प्रात: 9.15 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर वायुसेना के विमानतल महाराजपुरा, ग्वालियर पहुंची। उनके साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी आए। ग्वालियर विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं महापौर शोभा सिकरवार ने राष्ट्रपति को विदाई दी।
विमानतल पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, होमगार्ड डीजी प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद कुमार सक्सेना, डीआईजी असित यादव, कलेक्टर रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं वायु सेना के अधिकारी उपस्थित थे।
इससे पहले रविवार शाम को राष्ट्रपति मुर्मु ने कूनो नेशनल पार्क के चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। चीता कमांड एवं कण्ट्रोल सेंटर के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति को चीतों कि निगरानी और ट्रैकिंग की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। राष्ट्रपति ने चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में चीता प्रोजेक्ट की अभी तक की प्रगति पर लगाई गई प्रदर्शिनी का भी अवलोकन किया। राष्ट्रपति को बताया गया कि वर्तमान में भारत में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कूनो में मौजूद है, तीन चीते गाँधी सागर अभयारण्य मंदसौर भेजे गए हैं।
राष्ट्रपति ने इस दौरान चीतों के लिए की गई आवश्यक सुविधाओं के विषय में जानकारी ली। बताया गया कि हर दो किलोमीटर पर जंगल में वाटर पिट बनाये गए हैँ जिनमें अवश्यकता अनुसार पानी भरवाया जाता है। इस दौरान उन्हें बोत्सवाना से लाये गए चीतों की गतिविधियों की भी जानकारी दी गयी।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान आठ चीते रिसीव किये गए थे, जिन्हें कूनो लाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

