मप्र में पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र-युवा, इंदौर में ढोल-मंजीरों के साथ प्रदर्शन, रीवा-सतना में पुलिस से झड़प

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मप्र में पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र-युवा, इंदौर में ढोल-मंजीरों के साथ प्रदर्शन, रीवा-सतना में पुलिस से झड़प


मप्र में पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र-युवा, इंदौर में ढोल-मंजीरों के साथ प्रदर्शन, रीवा-सतना में पुलिस से झड़प


मप्र में पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र-युवा, इंदौर में ढोल-मंजीरों के साथ प्रदर्शन, रीवा-सतना में पुलिस से झड़प


- भोपाल समेत कई जिलों में धरना-प्रदर्शन, छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई

भाेपाल, 24 जुलाई (हि.स.)। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब मध्य प्रदेश में भी सुनाई देने लगी है। शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में छात्र संगठनों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने धरना-प्रदर्शन, रैली और ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। इस दौरान कई स्थानों पर नारेबाजी हुई, जबकि रीवा और सतना में प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़प की स्थिति भी बनी।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल रही। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य का आधार होती हैं। इसलिए परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।

इंदौर में ढोल-मंजीरों के साथ युवाओं का प्रदर्शन

इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर युवाओं ने धरना देकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने ढोलक और मंजीरों की थाप पर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को गंभीर कदम उठाने चाहिए। यहां आंदोलन लगातार जारी रहने की बात कही गई।

भोपाल में बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना

राजधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। एक छात्रा हाथ में ऐसा पोस्टर लेकर पहुंची, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा गया था। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि वे कोई भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर ठोस पहल नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

नर्मदापुरम में सांसद आवास के बाहर प्रदर्शन, पुतला जलाया

नर्मदापुरम में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सांसद दर्शन सिंह चौधरी के आवास के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी जलता हुआ पुतला लेकर सड़क पर दौड़ पड़े। इस घटना से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी और वहां से गुजर रहे लोग भी सहम गए।

रीवा और सतना में पुलिस से टकराव

रीवा में एनएसयूआई कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय का घेराव करने निकले। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकने का प्रयास किया। समझाइश के बाद भी प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। वहीं सतना में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने संयुक्त प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। करीब 40 मिनट तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

बैतूल में धरना और क्रमिक भूख हड़ताल

बैतूल के अंबेडकर चौक पर युवाओं ने प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान की प्रतियां और ‘नीट में पारदर्शिता लाओ’ जैसे पोस्टर थे। छात्रों ने कहा कि भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। शहर के ऑडिटोरियम में छात्रों की क्रमिक भूख हड़ताल भी जारी रही।

श्योपुर में चार किलोमीटर पैदल मार्च

श्योपुर में छात्रों ने पीजी कॉलेज से कलेक्ट्रेट तक करीब चार किलोमीटर पैदल मार्च निकाला। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए छात्र नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां करीब दो घंटे धरना देने के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

बड़वानी में बारिश के बीच जारी रहा धरना

बड़वानी में छात्र संगठनों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। बारिश से बचने के लिए प्रदर्शनकारियों ने प्लास्टिक शीट से अस्थायी शेड बनाया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की समयबद्ध जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग रखी।

अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन

धार जिले के टांडा में जयस संगठन ने छात्रों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। मऊगंज में एनएसयूआई ने रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। झाबुआ में युवाओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पैदल मार्च निकाला। ग्वालियर में आंदोलन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहा था, जबकि दूसरे पक्ष ने आंदोलन के दौरान लगाए जा रहे कुछ नारों पर आपत्ति जताई। प्रशासन ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।

सिंगरौली के बैढ़न में सर्व समाज के लोगों ने धरना देकर दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग की। भिंड के लहार, टीकमगढ़ के पलेरा, शाजापुर, रतलाम, उमरिया और सीधी सहित कई जिलों में भी रैली निकालकर ज्ञापन सौंपे गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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