राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 शुक्रवार को भोपाल में, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन करेंगे शुभारंभ

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राष्ट्रीय फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 शुक्रवार को भोपाल में, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन करेंगे शुभारंभ


भोपाल, 22 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश, आधुनिक प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और निर्यात की संभावनाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय 'फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जा रहा है।

जनसम्पर्क अधिकारी अखिल परस्त ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन का शुभारंभ शुक्रवार को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्य प्रदेश के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार उपस्थित रहेंगे।

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश सहित देश के अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन को आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड-चेन अधोसंरचना, मूल्य संवर्धन और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजारों से जोड़ना है। सम्मेलन में देश के प्रमुख निवेशक, निर्यातक, मत्स्य उद्यमी, स्टार्ट-अप्स और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेकर मत्स्य उद्योग में निवेश एवं व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग 4 लाख 50 हजार हेक्टेयर जल क्षेत्र उपलब्ध है, जो अंतर्देशीय मत्स्य पालन, केज कल्चर और मत्स्य आधारित उद्योगों के विकास की व्यापक संभावनाएं प्रदान करता है। राज्य सरकार का प्रयास इस विशाल जल संपदा का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को प्रोत्साहित करना तथा मत्स्य पालकों की आय एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है।

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, कॉन्क्लेव में 'मध्य प्रदेश मत्स्य निवेश एवं निर्यात मार्गदर्शिका-2026' तथा अंतर्देशीय राज्यों की मत्स्य निर्यात क्षमता को बढ़ाने से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया का विमोचन किया जाएगा। कार्यक्रम में एकीकृत केज कल्चर इकाइयों का वर्चुअल उद्घाटन भी होगा। साथ ही प्रदेश के जलाशयों एवं अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से संबंधित परियोजनाओं के प्रशासनिक स्वीकृति-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

सम्मेलन में मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, मत्स्य सहकारी समितियों, स्टार्ट-अप्स तथा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में विशेष बायर-सेलर मीट का भी आयोजन होगा, जिसमें केज इन्वेस्टर्स, एक्सपोर्टर्स और पर्ल ट्रेडर्स स्थानीय उत्पादकों एवं उद्यमियों के साथ व्यापार और निवेश पर सीधा संवाद करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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