मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थापित होगा देश का सबसे बड़ा मल्टी-फंक्शनल पॉवर ऑपरेटर ट्रेनिंग सिम्युलेटर
भोपाल, 04 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (एमपीपीजीसीएल) जबलपुर के नयागांव स्थित पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान में लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से देश का सबसे बड़ा मल्टी-फंक्शनल थर्मल एवं हाइड्रो ऑपरेटर ट्रेनिंग सिम्युलेटर स्थापित करने जा रही है।
मानव संसाधन व प्रशासन विभाग के मुख्य अभियंता दीपक कुमार कश्यप ने बुधवार को बताया कि इस अत्याधुनिक सिम्युलेटर के माध्यम से विद्युत उत्पादन अभियंताओं को विद्युत संयंत्रों के संचालन, नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों के प्रबंधन का यथार्थपरक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। इससे प्लांट ट्रिपिंग जैसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह सिम्युलेटर रिमोट ऑपरेशन की सुविधा से भी युक्त होगा।
दीपक कश्यप ने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान न केवल राज्य, बल्कि अन्य राज्यों की विद्युत कंपनियों के अभियंताओं और तकनीकी विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित होगा। मध्य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी अपने कार्मिकों को उच्च स्तरीय तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधकीय दक्षताओं से सुसज्जित करने की दिशा में मुख्यालय स्थित नयागांव में प्रशिक्षण संस्थान को अत्याधुनिक नवाचारों के साथ विकसित कर रही है।
उन्होंने बताया कि एमपीपीजीसीएल के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम और डायरेक्टर कॉमर्शियल मिलिंद भान्दक्कर के मार्गदर्शन में यह संस्थान देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक विशिष्ट और अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
मुख्य अभियंता कश्यप ने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान में आधुनिक स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना की जा रही है, जहां कंपनी के सभी कॉडर के कार्मिकों को तकनीकी, वित्तीय और प्रबंधकीय विषयों पर समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह संस्थान नवनियुक्त कार्मिकों व अभियंताओं के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग का प्रमुख केंद्र होगा। मिड-कैरियर ट्रेनिंग पॉलिसी के अंतर्गत करंट चार्ज अथवा पदोन्नति प्राप्त करने वाले सहायक अभियंता से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर तक के कार्मिकों को विशेष रूप से संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभान्वित किया जाएगा।
इसके अलावा, संस्थान परिसर में 150 सीटों का ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम और 21 कम्प्यूटर व कार्यस्थलों से युक्त आधुनिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है। इसमें ईआरपी, ऑटोकैड, प्राइमावेरा जैसे तकनीकी एवं वित्तीय सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
मुख्य अभियंता ने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान में एक अत्याधुनिक मॉडल रूम और डिजिटल पुस्तकालय का भी विकास किया जा रहा है, जहां हाइड्रो एवं थर्मल पॉवर प्लांट, कोल हैंडलिंग प्लांट, टरबाइन, जनरेटर, बॉयलर, ईएसपी, कंडेंसर और कूलिंग टावर जैसी प्रमुख मशीनों के मॉडल स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यहां लगभग 3.8 करोड़ रुपये की लागत से 16 कमरों वाला छात्रावास निर्माणाधीन है, जिसमें डाइनिंग हॉल, किचन, रिक्रिएशन हॉल और मिनी जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। संस्थान में एक हाई-टेक स्टूडियो भी विकसित किया जा रहा है, जहां प्रशिक्षण वीडियो की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और एडिटिंग की जाएगी।
दीपक कश्यप ने बताया कि यह पहल न केवल मानव संसाधन विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्रशिक्षण उत्कृष्टता के माध्यम से राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

