मप्र के कूनों में चीता शावक की हत्या के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, बंदूक भी बरामद
श्योपुर, 02 नवम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक केएनजी 22 की गोली मारकर हत्या करने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। उनकी निशानदेही पर शिकार में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी दो नाली वाली टोपीदार भरमार बंदूक भी बरामद कर जब्त की गई है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसडीएफ ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि 25 अक्टूबर को वनमंडल श्योपुर के कक्ष क्रमांक 748 में नर चीता केएनजी-22 घायल अवस्था में मिला था। उसे रेस्क्यू कर उपचार के लिए ले जाया गया। चिकित्सकीय शल्यक्रिया के दौरान उसके शरीर से बंदूक के छर्रे मिले थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने वन और पुलिस अधिकारियों को शामिल कर चार सदस्यीय एसटीएफ गठित की थी।
एसटीएफ ने मुखबिर तंत्र सक्रिय करने के साथ डॉग स्क्वॉड की मदद से जंगल में तलाशी अभियान चलाया। मुरैना पुलिस और श्योपुर व मुरैना वनमंडल से मिली सूचनाओं के आधार पर ग्राम नवलपुरा-बेहरारा, तहसील पहाड़गढ़ निवासी भगवान सिंह को 31 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। उसे विजयपुर न्यायालय में पेश कर दो दिन की वन एवं पुलिस अभिरक्षा प्राप्त की गई।
पूछताछ में भगवान सिंह ने बताया कि 24 अक्टूबर को वह अपने भाई प्रीतम सिंह के साथ विजयपुर के ग्राम नितनवास के पास जंगल में शिकार के लिए गया था। इसी दौरान चीते की मौजूदगी दिखाई देने पर उसने अपनी लाइसेंसी दो नाली टोपीदार भरमार बंदूक से गोली चला दी। घटना के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे।
भगवान सिंह से मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने मुरैना पुलिस की मदद से उसके भाई प्रीतम सिंह को भी अभिरक्षा में लिया। दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर मौका शिनाख्त कराई गई। उनकी निशानदेही पर मुरैना वनमंडल के जंगल से शिकार में इस्तेमाल बंदूक बरामद की गई। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9 और 51 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच में अब तक किसी व्यावसायिक वन्यजीव तस्करी या संगठित अपराध गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है। दोनों आरोपियों को सोमवार को विजयपुर न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
मामले में 4 वनकर्मी निलंबित
इससे पहले मामले में वन विभाग ने गत शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वनकर्मियों को निलंबित कर दिया था। वन विभाग ने इसे चीते की निगरानी और ट्रैकिंग में गंभीर लापरवाही माना था और इसी आधार पर संबंधित वनकर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए दो रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और एक बीट गार्ड के के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबित किए गए कर्मचारियों में पहाड़गढ़, मुरैना वनमंडल के रेंजर आकाश तोमर, मुरैना वनमंडल के कन्हार में पदस्थ डिप्टी रेंजर कीर्ति कुमार शांडिल्य, मुरैना वनमंडल के कालाखेत के बीट गार्ड दिनेश मरैया और श्योपुर के विजयपुर पूर्व में पदस्थ रेंजर जाहर सिंह गौड़ शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

