नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में कर्तव्य पथ पर जीवंत होगी लोकमाता अहिल्या बाई की गौरव गाथा

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नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में कर्तव्य पथ पर जीवंत होगी लोकमाता अहिल्या बाई की गौरव गाथा


-गणतंत्र दिवस परेड-2026 में दिखेगी मध्य प्रदेश की भव्य झांकीभोपाल, 20 जनवरी (हि.स.)। नई दिल्ली के 'कर्तव्य पथ' पर गणतंत्र दिवस 2026 के समारोह में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और नारी शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस वर्ष मध्य प्रदेश की झांकी पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के व्यक्तित्व और उनके महान कृतित्व पर केंद्रित होगी।

जनसम्पर्क अधिकारी अनुराग उइके ने मंगलवार को बताया कि यह वर्ष लोकमाता की 300वीं जयंती का है, जिसे प्रदेश सरकार झांकी के माध्यम से पूरे विश्व के सामने गर्व के साथ प्रस्तुत कर रही है। मध्य प्रदेश की इस गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान दिलाने के लिए रक्षा मंत्रालय 'पीपुल्स च्वाइस अवार्ड' के अंतर्गत ऑनलाइन वोटिंग का आयोजन कर रहा है। सभी प्रदेशवासी MyGov पोर्टल के लिंक https://www.mygov.in/node/357048/ पर जाकर राज्यों की सूची में 'Madhya Pradesh' का चयन कर अपना बहुमूल्य मत दे सकते हैं। वोटिंग की समय-सीमा 26 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है।

झांकी का स्वरूप : आध्यात्म और विकास का संगम

झांकी के अग्र भाग में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की वह चिर-परिचित वात्सल्यमयी प्रतिमा प्रदर्शित की जायेगी, जिसमें वे हाथ में शिवलिंग धारण किए हुए हैं। यह दृश्य भारतीय मातृशक्ति की सौम्यता और अदम्य आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है। झांकी के मध्य भाग में उन्हें अश्व पर सवार एक कुशल प्रशासक और वीरांगना के रूप में दिखाया जायेगा। झांकी के पिछले हिस्से में मां नर्मदा के तट पर स्थित ऐतिहासिक महेश्वर घाट, मंदिर और किले की भव्यता को उकेरा जायेगा।

इसके साथ ही, लोकमाता का देश के विभिन्न कोनों में कराए गए मंदिरों के जीर्णोद्धार, जैसे—वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, सोमनाथ और जगन्नाथपुरी आदि को भी पैनल के माध्यम से दर्शाया जायेगा। झांकी का एक विशेष आकर्षण विश्व प्रसिद्ध 'महेश्वरी साड़ी' का निर्माण करती महिलाएं रहेंगी, जो प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। झांकी के साथ चलते लोक कलाकार अपनी लोक धुनों से समां बांधेंगे।

यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की गरिमामयी उपस्थिति में निकलने वाली इस परेड में कुल 30 झांकियाँ शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी रहेगी। रक्षा मंत्रालय इस वर्ष स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे-मातरम तथा समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत की विशेष थीम निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश की झांकी लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती और उनके अद्वितीय आध्यात्मिक व प्रशासनिक योगदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी।_________________

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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