इंदौर में दूषित पानी से 17वीं मौत, भागीरथपुरा क्षेत्र के घरों में कोबो टूल से हो रहा रियल टाइम सर्वे
- भागीरथपुरा में दूषित पानी से 17वीं मौत, प्रभावित मरीजों का नि:शुल्क उपचार निरंतर जारी
इंदौर, 05 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वास्थ्य विभाग ने भागीरथपुरा के दूषित पानी प्रभावित क्षेत्र में भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. चंद्रशेखर गेदाम तथा जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को कोबो टूल का प्रशिक्षण दिया गया। इस टूल के माध्यम से किसी भी स्थिति का रियल टाईम में वास्तविक मूल्यांकन किया जा सकता है। इसके लिए आज भागीरथपुरा क्षेत्र में विस्तृत सर्वे किया गया। वहीं, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से एक और व्यक्ति की मौत हो गई। यह क्षेत्र में दूषित पानी से 17वीं मौत है।
मृतक ओमप्रकाश शर्मा (69) मूलत: शिव विहार कॉलोनी धार के रहने वाले थे। वे रिटायर्ड पुलिसकर्मी थे। वह अपने बेटे से मिलने इंदौर आए थे। उन्हें गत 1 जनवरी को उल्टी-दस्त के कारण एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। जांच में उनकी किडनी का खराब होना पाया गया था। हालत और बिगड़ने पर उन्हें 2 जनवरी को आईसीयू में शिफ्ट किया गया। दो दिन बाद वेंटिलेटर पर लिया गया, जहां उनकी मौत हो गई। परिजन ने बताया कि वे सिर्फ ब्लड प्रेशर के मरीज थे। दूषित पानी से उनकी किडनी खराब हो गई थी। इसके बाद हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में विस्तृत सर्वे के लिए 200 टीमें बनाई गई हैं। सोमवार को प्रत्येक टीम ने पहले से मार्क किए गए घरों में कोबो टूल के माध्यम से रियल टाईम सर्वे किया। इसमें उन्होंने प्रत्येक घर में ओ.आर.एस. के 10 एवं जिंक की 30 टेबलेट वितरित की। इसके साथ-साथ ही एक क्लिनवेट ड्राप भी वितरित की गई। टीम द्वारा यह बताया गया कि क्लिनवेट 10 लीटर पानी में 08 से 10 बूंद डालकर, एक घंटा रखने के बाद उपयोग करें। इस प्रक्रिया से पानी शुद्ध होता है।
इसके साथ ही स्वास्थ्य परामर्श, टोल-फ्री नं. की जानकारी, दवाई का डोज पूरा करने का संदेश, पानी को उबालकर पीने की सलाह, संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों का चिन्हांकन, हाथ धोने की विधि का प्रदर्शन बताया गया। जो व्यक्ति स्वस्थ होकर घर आ गए, उनका फॉलोअप की जानकारी भी ली गई। प्रत्येक टीम को 25 घंटों का दौरा करना था, प्रत्येक सब-टीम में चिकित्सक, नर्सिंग ऑफिसर, सी.एच.ओ., आशा एवं ए.एन.एम. सम्मिलित थी। आज इन टीमों ने 2745 घरों तक पहुंच बनायी, जिसमें लगभग 14 हजार लोगों तक पहुँचकर किट का वितरण कर आई.ई.सी. गतिविधि एवं परामर्श दिया। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र में आम जन को क्लोरीनेटेड पानी उपलब्ध करवाना ताकि वे रोगाणु मुक्त जल का उपयोग स्वास्थ्य प्राप्त कर सकें।
डॉ. हासानी ने बताया कि क्षेत्र में क05 एम्बुलेंस लगाई गई है, 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है, मरीजों को एम. व्हाय, चिकित्सालय, अरविंदो अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है, जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहे हैं, वहीं पर भी निःशुल्क उपचार, जाँच एवं औषधि हेतु निर्देशित किया गया है। आज भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उल्टी दस्त के 38 केस मिले, जिसमें से 06 केस रेफर किये गए। डॉ. हासानी ने बताया कि वर्तमान में कुल 110 मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिनका उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में आईसीयू में 15 मरीज भर्ती है।
पेयजल एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का कलेक्टर व निगम आयुक्त ने लिया जायजा
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा एवं नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने सोमवार को जिला प्रशासन और नगर निगम तथा स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र में की जा रही पेयजल टैंकर व्यवस्था, सफाई, स्वास्थ्य एवं उपचार संबंधी व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रभावित स्थलों पर पेयजल टैंकरों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था, संजीवनी क्लिनिक के माध्यम से उपचार, नागरिकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
बताया गया कि झोन क्रमांक 04 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 11 स्थित भागीरथपुरा क्षेत्र में जल वितरण की पर प्रभावी नियंत्रण हेतु संपूर्ण क्षेत्र को 32 बीटों में विभाजित किया गया है। इन बीटों के माध्यम से जल वितरण पर नियंत्रण, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति तथा संपूर्ण क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान की कार्यवाही सतत रूप से की जा रही है।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। टैंकर से प्राप्त पानी को पीने से पूर्व उबालकर एवं छानकर ही उपयोग में लेने के लिए नगर निगम की टीम द्वारा पंपलेट के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों की सतत स्वास्थ्य जांच की जा रही है। यदि किसी भी नागरिक में किसी प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल प्राथमिक जांच कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
मंत्री सिलावट ने अरबिंदो अस्पताल पहुंचकर ली प्रभावितों से स्वास्थ्य उपचार की जानकारी
इधर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सोमवार को अरविंदो अस्पताल पहुंचें। उन्होंने भागीरथपुरा के प्रभावित भर्ती मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रभावितों के परिजनों को विश्वास दिलाया कि घबराएँ नहीं, राज्य शासन उनके साथ है। अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर समुचित नि:शुल्क बेहतर उपचार किया जा रहा है। सभी प्रभावित मरीज शीघ्र स्वास्थ्य होकर अपने-अपने घरों को लोटेंगे। मंत्री सिलावट ने प्रभावितों के परिजनों से भी स्वास्थ्य उपचार के सम्बंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अरविंदो अस्पताल के सभी डॉक्टरों को भी निर्देशित किया है कि वे अस्पताल में भर्ती प्रभावितों का उपचार और उनकी देखभाल पर विशेष ध्यान दें।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

