विभिन्नता की समृद्ध विरासत भारत की वैश्विक पहचान : राज्यपाल पटेल

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विभिन्नता की समृद्ध विरासत भारत की वैश्विक पहचान : राज्यपाल पटेल


विभिन्नता की समृद्ध विरासत भारत की वैश्विक पहचान : राज्यपाल पटेल


विभिन्नता की समृद्ध विरासत भारत की वैश्विक पहचान : राज्यपाल पटेल


- लोकभवन भोपाल में मनाया गया आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, पुदुचेरी एवं अंडमान-निकोबार का स्थापना दिवस

भोपाल, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता हमारी सबसे बड़ी पहचान है। विभिन्न राज्यों की समृद्ध विरासत भारत को वैश्विक विशिष्टता प्रदान करती है। अनेक भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद हमारी राष्ट्रीय एकता अक्षुण्ण है।

राज्यपाल पटेल बुधवार शाम को भोपाल स्थित लोकभवन में आयोजित आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, पुदुचेरी एवं अंडमान-निकोबार के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को उनके राज्यों के स्थापना दिवस की बधाई दी। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना की सराहना करते हुए इस भावना को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए सभी की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।

लोकभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित समारोह में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। इसके अलावा भोपाल निवासी विभिन्न राज्यों के सामुदायिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे। समारोह में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर तथा अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा का विडियो शुभकामना संदेश का प्रसारण किया गया। अंडमान-निकोबार एवं मध्य प्रदेश की गौरवगाथा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारी भाषाएं, पहनावे और खानपान अनेक प्रकार के हैं। लोककलाओं की विविधता हमारी सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। राष्ट्रीय एकता और अखंडता ही इन सभी को जोड़ती हैं। इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य से मध्य प्रदेश की प्रगति में योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करें। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवन में आत्मसात करें।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस विभिन्नता में एकता पहचानने का महत्वपूर्ण अवसर है। यह आयोजन भावी पीढ़ी को देश की विविधता से परिचित कराता है। यह केवल तिथियों का नहीं, सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। यहाँ अपनी विरासत संजोकर विकास के नए आयाम स्थापित करने की प्रेरणा मिलती है। यही विकसित भारत 2047 के निर्माण का पथ है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान में सभी राज्यों का योगदान है। हमारा राज्य केरल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आयुर्वेद और प्राकृतिक सुंदरता दीप स्तम्भ है। यहां के नागरिकों का ज्ञान और सेवाभाव मानवीय मूल्यों का सम्मान बढ़ाता है।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि कर्नाटक तकनीक, विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है। औद्योगिक प्रगति, कौशल और नवाचार इसकी वैश्विक पहचान मजबूत करते हैं। आंध्र प्रदेश कृषि, समुद्री व्यापार और उद्यमशीलता की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। यहां की कला और व्यापार कौशल राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं। इसी तरह तमिलनाडु की प्राचीन भाषा और मंदिर वास्तुकला विशिष्ट हैं। दिव्य संगीत और आधुनिक नवाचार इसकी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप की प्राकृतिक सुंदरता पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। इसके समुद्री जीवन और द्वीपों की अनूठी पहचान सराहनीय है। पुदुचेरी शिक्षा, कला और सांस्कृतिक विविधता का संगम है। इसकी शांत जीवनशैली सद्भाव और पारस्परिक सम्मान को दर्शाती है। अंडमान-निकोबार स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास का साक्षी है। जनजातीय विरासत और समुद्री संपदा इसकी विशिष्ट पहचान हैं। यहां के वीरतापूर्ण इतिहास ने भारत का गौरव बढ़ाया है। राज्यपाल द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तुतियों की उत्कृष्टता की सराहना करते हुए युवाओं की भागीदारी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत की मजबूती का शुभ संकेत बताया।

दक्षिण भारत के चार राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन लोकभवन में आयोजित स्थापना के संयुक्त समारोह का विशेष आकर्षण रहा। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। केरल की कथकली एवं मोहिनीअट्टम, कर्नाटक की पूजा कुनीता, आंध्र प्रदेश का कोलाट्टम एवं गरगा नृत्य तथा तमिलनाडु का सेम्बु लोकनृत्य आकर्षण के केंद्र रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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