भारत तेजी से बढ़ रहा आगे, देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 है, जो अमेरिका और चीन से अधिक: कप्तान सिंह सोलंकी
भोपाल, 26 जून (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि अर्थव्यवस्था वृद्धि के मामले में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत है, जो अमेरिका और चीन से भी अधिक है।
पूर्व राज्यपाल सोलंकी शुक्रवार को लोकतंत्र सेनानी स्मृति दिवस के अवसर पर भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के प्रादेशिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में आज लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपये आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने मीसाबंदियों के त्याग को समझा और दिल से उनका सम्मान समारोह कराने की शुरुआत की है। अब बंगाल के लोकतंत्र सेनानी और स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रमाण-पत्र जारी कर कई प्रकार की सुविधाएं दी हैं। देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिले और उन्हें मिलने वाली 30 हजार की राशि को आयकर मुक्त कर दिया जाए।
सोलंकी ने कहा कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चुनाव में अनैतिकता को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी थी। उन्होंने फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील की, लेकिन इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने 25 जून 1975 की रात लोकतंत्र की हत्या कर देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। हजारों स्वयंसेवकों को जेलों में डाल दिया गया। आज लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और समर्पण के कारण ही सामान्य परिवार से आने वाले डॉ.यादव मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं।
भारत की दूसरी आजादी के आंदोलन की तरह था आपातकाल का संघर्ष
सम्मेलन में लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि आज आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण हो गये हैं। लोकतंत्र सेनानी जब मिलते हैं तो ऊर्जा का संचार होता है। एक राष्ट्रीय राजनैतिक शख्सियत ने अपनी जिद के लिए लोकतंत्र को खत्म कर उनके फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले नागरिकों को जेलों में डाला। तत्कालीन समय में 25 जून की रात हुए काले कारनामों को देशवासियों को स्मरण कराने के लिए 'संविधान हत्या दिवस' या 'काला दिवस' मनाने की शुरुआत की गई। आपातकाल के दौर में अभिव्यक्ति की आजादी छीन ली गई। मीडिया हाउसों पर ताले लगा दिए गए। करीब 25 से 30 बड़े पत्रकारों और संपादकों को जेलों में डाल दिया गया।
साेनी ने कहा कि लोकतंत्र को पुन: स्थापित करने के लिए देश में लंबा संघर्ष चला। आपातकाल का संघर्ष एक प्रकार से देश की दूसरी आजादी का आंदोलन था। सभी लोकतंत्र सेनानी लोकशाही के संवाहक हैं, संविधान के संरक्षक हैं। उन्हाेंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण देश में लोकतंत्र की मिसाल थे। कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों पर पाबंदियां लगाईं। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी कोई आस्था नहीं थी। आज भारत दुनिया में खुली हवा में सांस ले पा रहा है और दुनिया के 4 सबसे शक्तिशाली देशों में शामिल हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश परमाणु शक्ति संपन्न बना। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी अनेक योजनाएं पहले की तरह संचालित हैं।
विकसित भारत के साथ विकसित मध्य प्रदेश का भी सपना होगा साकार
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि आपातकाल के 51 वर्ष पूरे हुए हैं। ब्रिटिश शासन के दौर में देशवासियों ने आजादी के लिए संघर्ष किया। स्वतंत्र भारत में भी इस प्रकार से लोकतंत्र की हत्या की जाएगी, किसी ने सोचा नहीं था। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने गुजरात की धरती से आपातकाल के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया था। फिर बिहार के गांधी मैदान से नारा दिया कि 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है'। तत्कालीन सत्ताधीश इससे बुरी तरह घबरा गये। आपातकाल के समय लोकतंत्र सेनानियों पर जेलों में अनेक अत्याचार किये गये। लोकतंत्र सेनानियों के त्याग के बल पर ही आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विकसित भारत @ 2047 का सपना देख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक शक्ति के रूप में बहुत जल्द तीसरे स्थान पर पहुंचेगा और विश्व गुरु बनेगा। विकसित भारत के साथ विकसित मध्य प्रदेश का भी सपना साकार होगा।
लोकतंत्र सेनानी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है, यह हमारा सौभाग्य है
लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में आज 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान हो रहा है। प्रदेश में बीते 10 साल से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की सुखद परंपरा चली आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिता स्वयं लोकतंत्र सेनानी रहे। उन्होंने सेनानियों की पीड़ा को करीब से देखा है। यह हम सबका सौभाग्य है कि आज एक लोकतंत्र सेनानी का बेटा मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री है।
कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबोधित किया। उन्होंने प्रादेशिक सम्मेलन में आए सभी लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प-वर्षा कर उनका स्वागत-सम्मान किया। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, विधायकगण रामेश्वर शर्मा व भगवान दास सबनानी, मध्य प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय संरक्षक मेघराज जैन, लोकतंत्र सेनानी अशोक पांडे व माखन सिंह चौहान, समाजसेवी राहुल कोठारी, रवीन्द्र यति, शिक्षाविद् सुधीर अग्रवाल सहित अनेक जन प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए लोकतंत्र सेनानी एवं आमजन उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

