मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी निर्विरोध निर्वाचित
भोपाल, 05 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। गुरुवार को नाम वापसी की समय अवधि समाप्त होने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की गई।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की राज्यसभा की यह सीट एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने 14 अक्तूबर को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल मूल रूप से दो अप्रैल 2030 तक था।
इस सीट के लिए हुए उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के अलावा दो निर्दलीय राजकुमार लोहानी और कांते सयन्ना ने भी नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, नामांकन की संवीक्षा के दौरान दोनों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। इसके बाद पुरी ही चुनाव मैदान में अकेले उम्मीदवार रह गए। गुरुवार को दोपहर तीन बजे तक नाम वापस लेने की समयसीमा थी। इस समय तक किसी दूसरे उम्मीदवार के मैदान में नहीं रहने के कारण पुरी निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निविरोध निर्वाचित होने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधानसभा पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने उन्हें निर्वाचन प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इस दौरान उनके साथ भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा सहित अन्य नेता मौजूद थे।
मूल रूप से दिल्ली के निवासी हरदीप पुरी भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। उन्होंने 39 सालों तक विदेश सेवा में अपनी सेवाएं दी हैं। वे 1974 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जिनेवा और न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में सेवाएं दी हैं। इसके अलावा वे लंदन, टोक्यो, कोलंबो में राजनयिक पदों पर रहे हैं। इसके बाद वे राजनीति में आए और 02 जनवरी 2014 को भाजपा में शामिल हो गए।
पुरी के निर्विरोध चुने जाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित होने पर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और आतिफ अकील ने सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती देंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

