रायसेन का कृषि मेला उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक, जैविक प्रमाणन और किसान अधिकार पर फोकसः शिवराज सिंह

WhatsApp Channel Join Now
रायसेन का कृषि मेला उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक, जैविक प्रमाणन और किसान अधिकार पर फोकसः शिवराज सिंह


- मंत्री गांव-गांव से हजारों किसान उन्नत कृषि महोत्सव में होंगे शामिल, केंद्रीय मंत्री ने सरपंचों से किया संवाद

भोपाल, 09 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय पर 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले में फसल बीमा, ऋण, कृषि अवसंरचना कोष, उन्नत बीज‑उर्वरक, जैविक प्रमाणन, एफपीओ‑मार्केटिंग और भविष्य का “कृषि रोडमैप” , किसान को हर जानकारी एक ही मंच पर मिलेगी।

यह जानकारी गुरुवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बयान में दी। उन्होंने क्षेत्र के सरपंचों के साथ वर्चुअल संवाद कर उनसे अपील की कि वे गाँव‑गाँव से अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित कर इस कृषि मेले को किसान भागीदारी से सफल बनाएं।

ये तीन दिन किसानों के लिए “जीवंत विश्वविद्यालय” जैसे

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक होने वाला राष्ट्रीय स्तर का कृषि मेला वास्तव में खेती का गेम‑चेंजर “कृषि महाकुंभ” होगा, जहाँ बीज से लेकर बाजार और बीमा से लेकर क्रेडिट तक हर पहलू पर समाधान एक ही जगह उपलब्ध रहेगा। उन्होंने सरपंचों से कहा कि ये तीन दिन किसानों के लिए “जीवंत विश्वविद्यालय” जैसे हैं, जहाँ वे आधुनिक यंत्रों, ड्रोन, बीज, उर्वरक, जैविक खेती और एफपीओ‑मार्केटिंग के मॉडल के साथ‑साथ बीमा, ऋण, अवसंरचना और कृषि रोडमैप के माध्यम से भविष्य की सुरक्षित और समृद्ध खेती की दिशा तय कर सकेंगे।

चौहान ने क्षेत्र के रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ वर्चुअल चर्चा में विस्तार से मेले की रूपरेखा साझा की और उनसे अपील की कि वे प्रत्येक गाँव से अधिक से अधिक किसानों, महिला स्व‑सहायता समूहों और एफपीओ सदस्यों को मेला स्थल तक लाने के लिए सहभागी बनें। हजारों किसान इस आयोजन में शामिल होकर लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि सरपंच इसे अपने गाँव का मिशन बना लें तो यह मेला किसानों की भागीदारी वाला लोक‑उत्सव बन जाएगा, जो आने वाले वर्षों की खेती की दिशा तय करेगा।

फसल बीमा, बीमा कंपनियाँ और “कृषि रक्षक” प्लेटफॉर्म

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सेक्शन में बीमा कंपनियाँ मौके पर ही इच्छुक किसानों को फसल बीमा पॉलिसी उपलब्ध कराएँगी, ताकि किसान लाइव बीमा कवर लेकर ही वापस जाएँ। “किसान पाठशाला”, AIDE ऐप (App for Intermediary Enrolment– मध्यस्थ पंजीकरण मोबाइल अनुप्रयोग), आईईसी सामग्री, कॉमिक‑बुकलेट, प्रश्नोत्तर पुस्तिका, पर्चे, अनुभव‑वीडियो और “कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन” की जानकारी के माध्यम से बीमा से जुड़ी हर शंका का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। मेले में विशेषज्ञ किसान भाइयों को प्रीमियम शेयर, क्लेम प्रक्रिया, नुकसान की रिपोर्टिंग, सर्वे और समय पर भुगतान जैसे विषयों पर सरल भाषा में मार्गदर्शन देंगे।

उन्होंने बताया कि कृषि ऋण, केसीसी और अवसंरचना कोष कृषि ऋण और क्रेडिट सत्रों में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), टर्म‑लोन, संयुक्त देयता समूह, स्वयं सहायता समूह ऋण, और कृषि अवसंरचना कोष के अंतर्गत वेयरहाउस, कोल्ड‑स्टोरेज, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई, वैल्यू‑एडिशन और लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट्स के लिए ब्याज‑सबवेंशन तथा क्रेडिट गारंटी जैसी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। किसानों को यह समझाया जाएगा कि “सुरक्षित उपज, समृद्ध किसान” का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब अच्छी फसल के साथ अच्छा भंडारण, प्रसंस्करण और बाज़ार‑जुड़ाव भी सुनिश्चित हो। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के स्टॉल पर आवेदन, डॉक्यूमेंटेशन और पात्र किसानों के लिए ऑन‑द‑स्पॉट स्वीकृति की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि किसान कागज़ों के चक्कर से मुक्त होकर सीधे निवेश की दिशा में आगे बढ़ सकें।

केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि उन्नत बीज, उर्वरक और किसान अधिकार सीड डिवीजन के तहत सरकारी और निजी बीज कंपनियाँ उन्नत बीज, उच्च उत्पादकता वाली किस्में, हाइब्रिड बीज, रिसर्च‑सीड और मिनी‑किट प्रदर्शित करेंगी, जिससे किसान अपनी फसल प्रणाली के अनुसार सही किस्म चुन सकें। पौधा किस्म संरक्षण एवं किसान अधिकार प्राधिकरण किसानों को बीजों और पौधा किस्मों पर उनके अधिकारों, स्वदेशी किस्मों के संरक्षण और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देगा। उर्वरक कंपनियाँ जैव‑उर्वरक, बायो‑स्टिमुलेंट, माइक्रो‑न्यूट्रिएंट और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य सुधार पर विशेष जोर देंगी। किसानों को उनके क्षेत्र के लिए उपयुक्त फसल विविधीकरण मॉडल, मिलेट्स, बागवानी, फल‑सब्ज़ी प्रसंस्करण और वैल्यू‑एडेड उत्पादों की श्रृंखला के बारे में भी व्यावहारिक उदाहरणों के साथ बताया जाएगा।

प्रदर्शनी और प्रशिक्षण कार्यक्रम में पशुपालन डेयरी विभाग का लगेगा, स्टॉल, मिलेगी जानकारी

रायसेन में “उन्नत कृषि महोत्सव-2026” के अंतर्गत प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को देश के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। महोत्सव के दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इससे किसानों को उन्नत खेती, नई तकनीकों और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। महोत्सव में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा स्टॉल लगाया जाएगा, जहां पशुपालकों एवं किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

इसके साथ ही उन्नत पशु एवं कुक्कुट प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें गिर, साहिवाल, थारपारकर गाय, मुर्रा भैंस, कड़कनाथ मुर्गी तथा रंगीन बैकयार्ड बर्ड्स शामिल हैं। इसके साथ ही बकरी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोजत, बीटल, बारबरी, जमुनापारी एवं सिरोही नस्लों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। गौ-संवर्धन बोर्ड प्रस्तुत करेगा आदर्श गौशाला मॉडल मध्यप्रदेश गौ-संवर्धन बोर्ड द्वारा महोत्सव में आदर्श गौशाला का मॉडल प्रस्तुत किया जाएगा। इससे गौशाला स्थापना की दिशा में किए जा रहे बहुआयामी प्रयासों की जानकारी दी जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story