मप्र: मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग पर किसानों का भोपाल कूच, होशंगाबाद रोड पर पुलिस से आमना-सामना

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मप्र: मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग पर किसानों का भोपाल कूच, होशंगाबाद रोड पर पुलिस से आमना-सामना


मप्र: मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग पर किसानों का भोपाल कूच, होशंगाबाद रोड पर पुलिस से आमना-सामना


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सीएम हाउस घेराव की चेतावनी, वीर सावरकर सेतु के पहले भारी पुलिस बल तैनात, यातायात प्रभावित

भोपाल, 28 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के करीब 2 हजार किसान मंगलवार को राजधानी भोपाल पहुंचे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में निकली किसान पदयात्रा के दौरान हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहनों के साथ मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए आगे बढ़े। किसानों के कूच को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने होशंगाबाद रोड, 11 मील और वीर सावरकर सेतु क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

किसानों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर बैरिकेडिंग को लेकर आमना-सामना हुआ। मंगलवार दाेपहर काे 11 मील बायपास पर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसके बाद किसान बैरिकेड पार कर आगे बढ़ गए। इसके बाद शाम के समय होशंगाबाद रोड पर वीर सावरकर सेतु के पहले भारी पुलिस बल तैनात किया गया और किसानों को रोकने का प्रयास किया गया।

सीएम हाउस के सामने डेरा डालने की चेतावनी

किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेताओं का कहना है कि वे मुख्यमंत्री निवास के सामने डेरा डालने की तैयारी के साथ आए हैं। आंदोलन में शामिल किसान सात दिन का राशन-पानी लेकर पहुंचे हैं और लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने की बात कह रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि किसान देश का पेट भरने का काम करते हैं, लेकिन उनकी उपज की उचित कीमत और पूरी खरीदी सुनिश्चित नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूंग की पूरी उपज समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी जा रही, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

हाथों में तिरंगा, गूंजे ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे

मंगलवार शाम काे भोपाल की सीमा में प्रवेश करते ही किसानों ने हाथों में तिरंगा लेकर मार्च किया। इस दौरान ‘जय जवान-जय किसान’ और किसानों के समर्थन में नारे लगाए गए। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का लंबा काफिला भी राजधानी की ओर बढ़ता नजर आया। संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार, आंदोलन में प्रदेश के 19 किसान संगठन शामिल हैं। सोमवार को बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंची हैं।

11 मील पर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े किसान

किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने 11 मील बायपास पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की थी। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, अधिकारी और वज्र वाहन तैनात किए गए थे। हालांकि, किसानों की संख्या बढ़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और किसान बैरिकेड पार कर आगे बढ़ गए। पुलिस की ओर से लगातार अनाउंसमेंट कर प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की जाती रही। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई।

कटारा हिल्स रोड पर लगा लंबा जाम

मंगलवार शाम काे किसानों के भोपाल पहुंचने के बाद यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। 11 मील क्षेत्र से वाहनों का डायवर्जन किया गया, जिसके चलते कटारा हिल्स रोड पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कई वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहे।

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, स्थिति पर नजर

राजधानी में किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया और अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। देर शाम तक किसान अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा करते रहे। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के माध्यम से स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखा जाए।

मूंग खरीदी को लेकर कृषि मंत्री से बातचीत बेनतीजा

इससे पहले किसान नेताओं और कृषि मंत्री के बीच मूंग खरीदी को लेकर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने कहा कि सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। सरकार ने एक-दो दिन में किसान हित में निर्णय नहीं लिया तो वे होशंगाबाद जाकर नर्मदा ब्रिज से छलांग लगा देंगे। पटवारे ने कहा कि वे 20 दिन से गांव-गांव जाकर किसानों से चर्चा कर रहे हैं और लगातार ज्ञापन दे रहे हैं। किसानों की पूरी मूंग नहीं खरीदी जा रही, जिससे लागत तक नहीं निकल पा रही है। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र भेजने और मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद निर्णय बताने की बात कही है। पटवारे ने कहा कि अब किसान सीएम हाउस के सामने डेरा डालेंगे और बैरिकेड्स के पास बैठकर सरकार से किसान हित में फैसला लेने की मांग करेंगे। किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी एमएसपी पर करना, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करना और बही के आधार पर खाद वितरण व्यवस्था लागू करना शामिल है।

सरकार बोली- किसानों के हित में लगातार काम कर रहे हैं

किसान आंदोलन के बीच भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने मंगलवार काे प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा किसानों के हितों के लिए काम करती रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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