मप्र के डिंडौरी जिले ने रचा इतिहास, हीमोग्लोबिन परीक्षण में एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में बनाया स्थान

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मप्र के डिंडौरी जिले ने रचा इतिहास, हीमोग्लोबिन परीक्षण में एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में बनाया स्थान


- एक ही दिन में 48 हजार से अधिक बालिकाओं एवं महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण, मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को दी बधाईभोपाल, 20 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। डिंडौरी जिले ने हीमोग्लोबिन परीक्षण में एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान बनाया है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत संचालित नवाचार “सुगढ़ टूरी-आज स्वस्थ, कल सशक्त” अभियान के तहत जिले में एक ही दिन में 48,000 से अधिक बालिकाओं एवं महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। इस उपलब्धि के साथ जिला प्रशासन डिंडौरी ने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड-दोनों में अपना नाम दर्ज कराया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में नए कीर्तिमान को स्थापित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान बनाने की उपलब्धि के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन और डिंडौरी के निवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि डिंडौरी जिले ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत सुगढ़ टूरी-आज स्वस्थ, कल सशक्त अभियान के माध्यम से एक ही दिन में जनजातीय बहुल क्षेत्र में 48 हजार से अधिक बालिकाओं और महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण कर एशिया बुक ऑफ रिकार्डस और इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस में स्थान प्राप्त किया है। इस पहल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन की टीम बधाई की पात्र है। यह अभियान महिला स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के प्रति मध्य प्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग के समन्वय से सफल अभियान

डिंडौरी जिले में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत संचालित नवाचार “सुगढ़ टूरी-आज स्वस्थ, कल सशक्त” अभियान के तहत व्यापक एनीमिया जांच अभियान जिले के 620 विद्यालयों एवं 9 महाविद्यालयों में आयोजित किया गया। अभियान में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग की सक्रिय एवं समन्वित सहभागिता रही। बालिकाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने हीमोग्लोबिन स्तर की जानकारी प्राप्त की, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

डिंडौरी में आयोजित प्रेसवार्ता में आज डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि यह रिकॉर्ड केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि जिले की बालिकाओं एवं महिलाओं के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे समय पर जांच, जागरूकता एवं पोषण प्रबंधन के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। डिंडौरी जिले ने यह सिद्ध कर दिया है कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार, समर्पण और मजबूत प्रशासनिक समन्वय से असाधारण उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं।

इस प्रेसवार्ता में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से उपस्थित भानु प्रताप सिंह ने रिकॉर्ड का औपचारिक सत्यापन किया। उन्होंने बताया कि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में हीमोग्लोबिन परीक्षण करना एक असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने जिला प्रशासन डिंडौरी को बधाई देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रोटोकॉल के अनुरूप प्रमाणित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड—दोनों ही आरएनआई भारत सरकार में पंजीकृत प्रतिष्ठित संस्थाएँ हैं।____________________

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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