मप्र के किसानों के साथ हो रहा भेदभाव, बासमती को जीआई टैग न मिलने पर करेंगे अनशन: दिग्विजय सिंह

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मप्र के किसानों के साथ हो रहा भेदभाव, बासमती को जीआई टैग न मिलने पर करेंगे अनशन: दिग्विजय सिंह


भोपाल, 08 मार्च (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केन्द्र सरकार पर प्रदेश के किसानों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि यदि बासमती को जल्द जीआई टैग नहीं दिया गया तो वे अनशन का रास्ता अपनाएंगे।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह रविवार को भोपाल में अपने सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रंगपंचमी के दिन सामान्य तौर पर पत्रकार वार्ता होती नहीं, लेकिन आज आपको इसलिए बुलाया क्योंकि मध्य प्रदेश के किसानों के साथ लंबे समय से भेदभाव होता रहा है। मैंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि प्रदेश में उगाए जाने वाले धान को एपीडा जीआई टैग नहीं दे रहा है। यदि केंद्र सरकार मप्र की बासमती को जीआई टैग नहीं दिलवा पाती है तो वे अनशन करेंगे।

दिग्विजय सिंह के अनुसार प्रदेश में एक लाख से अधिक किसान बासमती धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका सहित कई देशों में बासमती चावल करीब 300 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है, जबकि मध्य प्रदेश के किसानों को इसके लिए सिर्फ 35 से 40 रुपये प्रति किलो ही मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का क्षेत्र भी बासमती उत्पादक किसानों का बड़ा इलाका है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जीआई टैग देने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत आश्चर्यजनक है कि इस विषय पर तीन माह पूर्व पत्र लिखने के बाद भी केन्द्र और राज्य सरकार ने किसानों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था और मध्य प्रदेश के बासमती उत्पादक किसानों को जीआई टैग नहीं मिलने से हो रही आर्थिक क्षति और अन्याय की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया था। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर मालवा और महाकौशल क्षेत्र तक लगभग 14 जिलों- श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, गुना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा, होशंगाबाद, नरसिंहपुर और जबलपुर में हजारों किसान वर्षों से उच्च गुणवत्ता वाले सुगंधित बासमती चावल का उत्पादन कर रहे हैं। बावजूद इसके जीआई टैग नहीं मिलने के कारण किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसान पिछले दो दशकों से इन जिलों के बासमती चावल को जी.आई. टैग देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जी.आई. टैग प्रदान किया था, लेकिन वर्ष 2016 में वर्तमान केन्द्र सरकार ने इसे वापस ले लिया। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बासमती चावल को जीआई टैग प्राप्त है, जबकि मध्य प्रदेश के किसानों को इस अधिकार से वंचित रखा गया है।

दिग्विजय सिंह ने अपने राजनीति से संन्यास को लेकर कहा कि एक कपल बैंक से रिटायर हुए थे, वे एक कार से पूरा भारत घूमने निकले हैं तो मैंने उसका वीडियो मजाकिया लहजे में शेयर किया था। उन्होंने अपने सन्यास को लेकर कहा कि ये हल्ला तो होता रहता है। मैंने मेरी पार्टी से यही अनुरोध किया है कि मैं राज्यसभा के सेकंड टर्म के बाद थर्ड टर्म नहीं लेना चाह रहा हूं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि मैं कांग्रेस के लिए काम नहीं करूंगा। पार्टी का काम तो जीवन के आखिरी सांस तक करेंगे, लेकिन बात यही है कि पार्टी मुझे कहां क्या काम देती है? यह पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करता है।

मीडिया के पार्टी के निर्देश पर राज्यसभा जाने या न जाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह बहुत ही काल्पनिक प्रश्न है, इसका उत्तर नहीं दिया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि दिग्विजय सिंह ने तीन दिन पहले फेसबुक पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा था कि मेरा रिटायरमेंट प्लान? शायद, क्यों नहीं…। इस वीडियो में 62 साल के सिबानंद भंजा अपनी पत्नी बसबी के साथ बैंक की नौकरी से रिटायर होने के बाद कार को अपना घर बनाकर पूरा भारत घूमने निकले हैं। सिबानंद की पत्नी का सपना था कि घर लेने के बजाए एक बड़ी गाड़ी लेकर पूरा भारत घूमेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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