मप्र संस्कृति विभाग की बड़ी उपलब्धि, इस वर्ष विक्रमोत्सव 2026 को मिले दो अवार्ड

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मप्र संस्कृति विभाग की बड़ी उपलब्धि, इस वर्ष विक्रमोत्सव 2026 को मिले दो अवार्ड


मप्र संस्कृति विभाग की बड़ी उपलब्धि, इस वर्ष विक्रमोत्सव 2026 को मिले दो अवार्ड


- कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर की श्रेणी में गोल्ड अवार्ड, बेस्ट गर्वनमेंट इंट्रीग्रेशन फॉर लाइव इवेंट की श्रेणी में सिल्वर अवार्ड

भोपाल, 05 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सव को इस वर्ष गोल्ड एवं सिल्वर अवार्ड मिले हैं। नई दिल्ली में 1 और 2 मई 2026 को आयोजित शोज ऑफ इंडिया कॉन्क्लेव 2026 में विक्रमोत्सव 2026 को सांस्कृतिक लाइव इवेंट ऑफ द इयर में गोल्ड अवार्ड तथा लाइव इवेंट में सर्वश्रेष्ठ शासकीय सहभागिता की श्रेणी में सिल्वर अवार्ड प्राप्त हुआ। वाओ की टीम यह अवार्ड भोपाल आकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रदान करेगी।

विक्रमोत्सव दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन है। इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ बिजनेस इवेंट भी शामिल है। यह कार्यक्रम इवेंटफैक्स मीडिया आयोजित किया गया था, जो देश के इवेंट एवं एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग क्षेत्र का अग्रणी प्लेटफॉर्म है। यह अवॉर्ड्स वाओ लाइव अवार्ड्स के अंतर्गत प्रदान किए गए, जो देश में कॉन्सर्ट, फेस्टिवल, टूर और लाइव इवेंट्स के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रचनाकारों और दूरदर्शियों को सम्मानित करते हैं। इस वर्ष 300 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई, जो इस क्षेत्र के बढ़ते विस्तार, विविधता और संभावनाओं को दर्शाती हैं। विशेषज्ञ जूरी पैनल द्वारा इन प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया गया। जिसके आधार पर सम्मानों की घोषणा की गयी।

मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक तिवारी ने मंगलवार को बताया कि विक्रमोत्सव 2026 को मिले गोल्ड एवं सिल्वर अवॉर्ड मध्य प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह सम्मान न केवल मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की पारंपरिक एवं आधुनिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरासत से विकास के मंत्र को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। मध्य प्रदेश सरकार निरंतर ऐसे आयोजनों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त और समृद्ध बनाने का कार्य कर रही है। विक्रमोत्सव हमारी परंपराओं, मूल्यों और नवाचार का जीवंत उत्सव बन गया है। यह उपलब्धि हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी तथा भविष्य में मध्यप्रदेश को सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

विगत वर्षों में मिल चुके है तीन सम्मान

तिवारी बताया कि इसके पहले विक्रमोत्सव 2025 को ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड द्वारा लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द इयर से सम्मानित किया गया था। वाओ अवार्ड एशिया 2025 द्वारा एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है। वर्ष 2024 में विक्रमोत्सव को एशिया का बिगेस्ट रिलीजियस अवार्ड मिला था।

विक्रमोत्सव से 17.72 करोड़ से अधिक लोग जुड़े

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक ने बताया कि विक्रमोत्सव 2026 के दौरान आयोजन के प्रसारण ने डिजिटल आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच आयोजन से संबंधित गतिविधियों ने कुल 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई। आधिकारिक सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम्स के माध्यम से जहाँ 47.85 लाख लोगों तक पहुँच बनी, वहीं आमजन द्वारा तैयार कंटेंट और विभिन्न हैशटैग्स के जरिए 17.24 करोड़ से अधिक की डिजिटल रीच दर्ज की गई।

139 दिवसीय आयोजन

उन्होंने बताया कि सृष्टि सृजनकर्ता महादेव के भव्य-दिव्य महाशिवरात्रि उत्सव से विक्रमोत्सव 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन होगा। 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव बना। जिसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से सम्पन्न हुआ। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। जिसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गयी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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