मप्र के दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने राजघराने के घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार, दिलचस्प हुआ मुकाबला

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मप्र के दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने राजघराने के घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार, दिलचस्प हुआ मुकाबला


भोपाल, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पूर्व विधायक और दतिया राजघराने के मुखिया घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इसकी घोषणा शनिवार देर शाम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने की। घनश्याम सिंह का भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी से सीधा मुकाबला होगा।

71 वर्षीय घनश्याम सिंह ने एमए तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता महाराज कृष्णसिंह जूदेव वर्ष 1984 में भिंड-दतिया लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सांसद भी रहे थे। स्वयं घनश्याम सिंह दतिया विधानसभा क्षेत्र से दो बार और सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र से एक बार विधायक रह चुके हैं।

घनश्याम सिंह ने वर्ष 1993 में कांग्रेस के टिकट पर अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था। लेकिन 1998 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी से टिकट नहीं मिल सका था। इसके बाद वर्ष 2003 में कांग्रेस ने दोबारा उन पर भरोसा जताया। इस बार उन्होंने राजेंद्र भारती को हराकर विधानसभा में वापसी की, लेकिन 2008 के चुनाव में उन्हें भाजपा के उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा से पराजय का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सेवढ़ा विधानसभा का रुख किया और वहां से एक बार विधायक बने।

दतिया के बाद कांग्रेस ने वर्ष 2013 में घनश्याम सिंह को सेवढ़ा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। यहां वे भाजपा के प्रदीप अग्रवाल से करीब 1800 मतों के अंतर से हार गए, लेकिन वर्ष 2018 में उन्होंने भाजपा के राधेलाल बघेल को बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर उन्हें सेवढ़ा से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार भाजपा के प्रदीप अग्रवाल से ही उनका मुकाबला हुआ। जिसमें वह पराजित हो गए। अब एक बार फिर 18 साल बाद घनश्याम सिंह दतिया से ही चुनाव मैदान में उतरे हैं।

घनश्याम सिंह का नाम घोषित होते ही समर्थकों में खुशी का माहौल है। वे सड़कों पर पटाखे फोड़कर जश्न मना रहे हैं। दतिया किले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई है। वे कांग्रेस प्रत्याशी बनने पर बधाई देकर खुशियां मना रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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